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Year Ender 2023: हरियाणा के हिस्से में आए दुख, दर्द और पीड़ा, पढ़ें इस साल की चर्चित घटनाएं

Fri, 29 Dec 2023 01:53 PM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के 2023 का साल दुख-दर्द और पीड़ा भरा रहा है। प्रदेश में कई बड़ी घटनाएं ऐसी हुई जिससे हरियाणा के दामन में दाग लगे हैं। वहीं, देश की अन्य बड़ी घटनाओं में भी हरियाणा का नाम शामिल रहा है।
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नासिर-जुनैद हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
2023 में हरियाणा और हरियाणा के बाहर कुछ घटनाएं ऐसी हुईं, जिन्हें नहीं होना चाहिए था और इन्होंने सूबे के नाम पर दाग लगाया। चाहे वह नासिर-जुनैद हत्याकांड या नूंह दंगा हो, जहरीली शराब कांड हो या जींद में छात्राओं से छेड़खानी का मामला। इन घटनाओं ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था और सरकार के इंतजामात पर भी सवाल उठाए। आइए एक नजर डालते हैं साल की चर्चित घटनाओं पर...

नासिर जुनैद हत्याकांड : गो तस्करी रोकने की आड़ में अराजकता
15 फरवरी की रात को राजस्थान के दो भाइयों नासिर-जुनैद को गोरक्षक दल के लोगों ने गो तस्करी के शक में पकड़कर बुरी तरह मारा-पीटा। इसके बाद उन्हें भिवानी के लोहारू कस्बे के गांव बारवास की बणी गांव ले जाकर उनकी ही बोलेरो गाड़ी में डालकर जिंदा जला दिया गया। नासिर-जुनैद के परिवार वालों का आरोप है कि दोनों अपनी ससुराल से वापस लौट रहे थे।

इस कांड के जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हरियाणा व राजस्थान की पुलिस औ सरकारों के बीच तनातनी के साथ जुबानी जंग भी चली। इस मामले में राजस्थान पुलिस ने 30 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन मोनू मानेसर का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद नूंह हिंसा में एक बार फिर मोनू का नाम सामने आया। सांप्रदायिक तनाव बढ़ने के बाद मोनू मानेसर को गिरफ्तार कर लिया गया।

सरकार और पुलिस पर मोनू को संरक्षण देने का भी आरोप लगा। विधानसभा में जब यह मामला उठा तो विधायक मामन खान ने मोनू मानेसर को प्याज की तरह फोड़ने का बयान दिया था। इस हत्याकांड के साथ ही हरियाणा में सांप्रदायिक भाईचारा बिगड़ने की शुरुआत हो गई थी और यह जख्म नूंह हिंसा की पृष्ठभूमि भी बना।
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Nuh violence - फोटो : सोशल मीडिया
नूंह हिंसा : भाईचारा बिगाड़ा, गहरे जख्म भी मिले
राजस्थान सीमा पर स्थित नूंह जिला में 31 जुलाई की दोपहर में ऐसी हिंसा भड़की जिसकी आंच में प्रदेश का सांप्रदायिक सद्भाव बुरी तरह झुलस गया। नूंह के फिरोजपुर झिरका से शुरू हुआ बवाल कई जिलों में फैल गया और इसका तनाव काफी दिनों तक पूरे प्रदेश में बना रहा। दरअसल, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेतृत्व में 31 जुलाई को ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा निकाली जानी थी।

दोपहर करीब 12.30 बजे यात्रा नल्हड़ेश्वर महादेव मंदिर से फिरोजपुर झिरका के झिर मंदिर के लिए रवाना हुई, लेकिन जैसे ही यात्रा करीब दो किलोमीटर आगे बढ़ी और मुख्य सड़क पर पहुंची, तो दूसरी तरफ से पथराव शुरू हो गया। इसकी वजह बताई गई कि यात्रा में शामिल लोग नासिर-जुनैद हत्याकांड में आरोपी मोनू मानेसर के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे और स्थानीय लोगों में मोनू मानेसर प्रति आक्रोश था, जिससे वे भड़क गए।

यात्रा में शामिल महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पथराव में फंस गए। आगजनी और फायरिंग शुरू होने पर हजारों लोगों ने नल्हड़ के शिव मंदिर में छिपकर जान बचाई। इस हिंसा में पुलिस कर्मियों समेत छह लोगों की जान चली गई। एक व्यक्ति के प्रति यह आक्रोश कुछ ही घंटों में दो संप्रदायों के बीच तनाव में बदल गया। नूंह, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल जिलों में धार्मिक स्थलों व दुकानों तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई। इसके बाद नूंह में कई दिनों तक कर्फ्यू लगा रहा और हालात सामान्य होने में लंबा समय लगा।
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शराब बनाने की मशीन - फोटो : अमर उजाला
जहरीली शराब कांड : पैसों के लालच में दांव पर जिंदगी
नवंबर महीने में यमुनानगर और अंबाला जिलों में जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ कि चारों ओर मातम दिखाई देना शुरू हो गया। तीन दिन में यमुनानगर में 22 और अंबाला में दो लोगों की अवैध शराब पीने से मौत हो गई। इसके अलावा एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी चली गई। इस कांड के पीछे जेल में बंद गैंगस्टर मोनू राणा को बताया जा रहा है।

मोनू राणा जेल में बैठकर अपने गुर्गों और कुछ सफेदपोश लोगों की मदद से अंबाला जिले में अवैध शराब फैक्टरी चला रहा था। यहां तैयार होने वाली शराब सरकारी शराब ठेकों पर बेची जाती थी। इस अवैध शराब की सप्लाई अंबाला, यमुनानगर के अलावा पंजाब और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी होती थी। अंबाला और यमुनानगर की एसआईटी अवैध शराब के इस रैकेट की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब ठेकेदारों को अवैध शराब की पेटी 545 रुपये में मिल रही थी। इसे वह आगे खुर्दे वालों को 1100 से 1200 रुपये में बेचते थे।

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अंबाला में भारी बारिश, अनिल विज के घर में घुसा पानी - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ का प्रकोप : बर्बादी का दंश
मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में नदियों ने भारी तबाही मचाई। बेतहाशा बारिश और बादल फटने से पहाड़ी नदियों में क्षमता से कई गुना पानी आ गया। पहाड़ों पर तबाही मचाता हुआ यह पानी जब हरियाणा पहुंचा तो इसने घरों, फसलों, मवेशियों, दुकानों और फैक्टरियों को खासा नुकसान पहुंचाया। यमुना के साथ-साथ टांगरी, मारकंडा और घग्गर नदियों ने हरियाणा के 13 जिलों में बाढ़ ला दी। नदियों का पानी किनारे तोड़ता हुआ गांवों और शहरों में घुस गया।

रातोंरात सैकड़ों लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकाला गया। हजारों एकड़ खेतों में पानी भरने से किसानों की फसल खराब हो गई। घरों में सामान खराब हो गया और लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी। सैकड़ों मवेशियों की मौत हो गई। फैक्टरियों और दुकानों में माल खराब हो गया। बाढ़ के पानी में डूबकर कई लोगों की मौत भी हो गई।

इनमें से सात परिवारों को सरकार मुआवजा राशि दे चुकी है, जबकि अन्य के दावों की अभी जांच की जा रही है। सरकारी आकलन के अनुसार बाढ़ से 399 सड़क परियोजनाओं को नुकसान हुआ। इनकी मरम्मत पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 1100 किलोमीटर सड़कों, 3369 बिजली के खंभों और 1477 ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा करीब 125 मकान पूरी तरह और 600 से अधिक घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए।
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पुलिस ने हिरासत में लिया। - फोटो : अमर उजाला।
भ्रष्टाचार के आरोप में कठघरे में आईएएस अफसर
साल 2023 में भ्रष्टाचार के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो ने विजय सिंह दहिया और जयबीर सिंह आर्य समेत कई आईएएस पर शिकंजा कसा। अक्तूबर में दो दिन के भीतर दो आईएएस विजय दहिया व जयबीर आर्य की गिरफ्तारी बड़ी सुर्खियां बनी। हालांकि दोनों आईएएस जमानत पर बाहर आ गए हैं और हरियाणा सरकार ने दोनों को बहाल कर दिया है। साल 2001 बैच के आईएएस विजय सिंह दहिया पर 20 अप्रैल को एक महिला की गिरफ्तारी के बाद मामला दर्ज किया गया था।

उन पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के महाप्रबंधक रहते वक्त पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा था। दहिया के गिरफ्तार होने के दो दिन बाद ही हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के प्रबंध महानिदेशक जयबीर आर्य को गिरफ्तार किया। आर्य पर कुरुक्षेत्र में वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जीएम के पद पर पोस्टिंग कराने के नाम पर तीन लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगे थे।

आर्य की गिरफ्तारी के दौरान यह भी आरोप लगा कि एसीबी के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे। इस बीच एसीबी की ओर से राज्य के आईएएस पर शिकंजा कसने के मुद्दे पर आईएएस एसोसिएशन ने विरोध भी जताया था।इसके अलावा सोनीपत में तैनात रहे आईएएस धर्मेंद्र कुमार को दिल्ली के ठेकेदार की शिकायत पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के आरोप में फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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सांकेतिक - फोटो : फाइल फोटो
छात्राओं का यौन शोषण : चिंता कम-राजनीति ज्यादा
स्कूल जिसे ज्ञान का मंदिर कहा जाता है और ज्ञान देने वाले शिक्षक को ईश्वर के बराबर दर्जा दिया जाता है, लेकिन हरियाणा में हुई कुछ घटनाओं ने शिक्षक वर्ग पर ऐसा दाग लगाया है, जिसे धो पाना आसान नहीं होगा। साल की शुरुआत में ही फतेहाबाद की नौ छात्राओं ने स्कूल जाना ही छोड़ दिया था। कारण था कि स्कूल वैन में चालक छेड़खानी करता था। फूहड़ गाने चलाता था। शिकायत करने पर स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई नहीं की।

इसके बाद भिवानी का जुई हो या कुरुक्षेत्र, जींद या फिर कैथल, कई जिलों से स्कूल में छात्राओं से छेड़खानी के मामले सामने आए। पिछले महीने सामने आए जींद के उचाना के एक राजकीय स्कूल में प्रिंसिपल द्वारा छात्राओं से छेड़खानी का मामला विधानसभा तक पहुंच गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब स्कूल की छात्राओं ने पांच पेज का एक शिकायत पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, महिला आयोग समेत कई अधिकारियों को भेजा। चिट्ठी पहुंचते ही प्रशासन हरकत में आ गया।

महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया। 30 अक्तूबर को उचाना पुलिस ने छात्राओं की शिकायत पर प्रिंसिपल पर मामला दर्ज किया। महिला आयोग, शिक्षा विभाग और पुलिस इस मामले की जांच की। जांच में 50 छात्राओं ने बयान दर्ज करवाए। उसके बाद प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में सरकार ने भी कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को बर्खास्त कर दिया।

विधानसभा में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने एक दूसरे पर प्रिंसिपल को बचाने का आरोप लगाया। दोनों के आरोपों की जांच के लिए विधानसभा में तीन सदस्यीय एक कमेटी गठित की, जो बजट सत्र से पहले अपनी रिपोर्ट देगी। वहीं, इस घटना के बाद कैथल के भी एक स्कूल का मामला सामने आया। छात्राओं से यौन शोषण के आरोप में पुलिस ने प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया।
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सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया
डेरे में महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म व लूट
पानीपत में 20 सितंबर की रात एक डेरे में तीन महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म, लूट और एक महिला की मौत की घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी। उस दौरान राज्य के नए डीजीपी ने कार्यभार संभाला ही था। घटना की गंभीरता को देखते हुए 21 टीमों का गठन किया गया। 15 दिन तक 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाश में जुटे रहे। मगर कोई कामयाबी नहीं मिली।

बाद में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े जाने के डर से एक आरोपी ने उत्तर प्रदेश में जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। वहीं, इस कांड के मुख्य सरगना ने जेल के अंदर आत्महत्या की कोशिश की। नूंह दंगों के बाद हुए इस वीभत्स अपराध पर विपक्ष ने राज्य की कानून व्यवस्था का हवाला देकर सरकार को घेरा। आप और कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार और उनके गृह मंत्री अनिल विज राज्य की कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हुए हैं। हालांकि सरकार की ओर से दावा किया गया कि पुलिस ने इस केस को बेहतर तरीके से हल कर लिया।

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अमृतपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला
कुरुक्षेत्र में छिपा था अमृतपाल
खालिस्तान समर्थक और वारिस पंजाब दे का प्रमुख अमृतपाल गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पटियाला से पुलिस को चकमा देकर कुरुक्षेत्र में आकर छिप गया। उसने कुरुक्षेत्र जाने के लिए स्कूटी का सहारा लिया था। जबकि पंजाब पुलिस उसे दिल्ली से लेकर नेपाल तक तलाश करती रही। कुरुक्षेत्र की महिला बलजीत कौर ने उसे अपने घर में पनाह दी थी। हरियाणा पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो महिला को तुरंत गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया। मगर इससे पहले अमृतपाल फरार हो गया था। अमृतपाल फिलहाल जेल में बंद है।
 

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सुखदेव गोगामेड़ी हत्या कांड - फोटो : सोशल मीडिया
सुखदेव गोगामेड़ी हत्या कांड
करणी सेना प्रमुख सुखदेव गोगामेड़ी की हत्या पांच दिसंबर को जयपुर में उनके ही घर में कर दी गई। लॉरेंस गैंग से जुड़े गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने अपना दबदबा बनाए रखने के लिए इस वारदात को हरियाणा के शूटरों के जरिये अंजाम दिलाया। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार सुखदेव गोगामेड़ी खुलकर लॉरेंस गैंग की खिलाफत कर रहे थे और कारोबारियों को लॉरेंस के गुर्गों को रंगदारी व फिरौती देने से रोकते थे। सुखदेव की हत्या करने वालों में से एक नितिन फौजी सेना में लांस नायक था और महेंद्रगढ़ का रहने वाला है। उसका भाई भी सेना में है। जल्द पैसा कमाने और विदेश जाने के लालच में नितिन लॉरेंग गैंग का शूटर बन गया। इसके अलावा नितिन को पनाह देने में हिसार, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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घसो खुर्द गांव की नीलम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संसद की सुरक्षा में सेंध
13 दिसंबर को देश के अलग-अलग हिस्सों के कुछ युवाओं ने नए संसद की सुरक्षा में सेंध लगाई। इनमें से तीन युवक लोकसभा की दर्शक दीर्घा में पहुंच गए। दो युवक दर्शक दीर्घा से छलांग लगाकर रंगीन धुंए का स्प्रे चलाया था। इन युवाओं की साथी जींद के घसो खुर्द गांव की नीलम भी गिरफ्तार की गई थी। नीलम संसद भवन के बाद रंगीन धुंए का स्प्रे चलाकर नारेबाजी कर रही थी।

नीलम हिसार के पीजी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर ही थी। उसके घरवालों को भी दिल्ली में हुए घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली। अब दिल्ली पुलिस की विशेष टीम इस मामले की जांच कर रही है। नीलम के घरवाले और समर्थक उसे सही ठहरा रहे हैं, लेकिन विरोध जताने व अपनी आवाज उठाने के लिए संसद भवन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने को सही नहीं ठहराया जा सकता।
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