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DSP Surender Murder: रात को DSP का शव पहुंचा हिसार, कनाडा से बेटे के आने पर होगा अंतिम संस्कार

Wed, 20 Jul 2022 12:49 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

आईजी और एसपी परिजनों से मिलने पहुंचे। पैतृक गांव सारंगपुर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की रिटायरमेंट तीन महीने बाद होनी थी। 
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नागरिक अस्पताल में डीएसपी सुरेंद्र का शव पहुंचने पर मौके पर मौजूद अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह के तावडू में खनन माफिया द्वारा डंपर चढ़ाकर मंगलवार सुबह डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की हत्या कर दी। इसके बाद गुरुग्राम में पोस्टमार्टम के बाद रात 9 बजे डीएसपी का शव हिसार के नागरिक अस्पताल में लाया गया। हिसार के आईजी राकेश कुमार और एसपी लोकेंद्र कुमार नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया। बुधवार सुबह शव को उनके पैतृक गांव सारंगपुर ले जाया जाएगा। सुरेंद्र बिश्नोई के बेटे सिद्धार्थ के कनाडा से लौटने के बाद शव का अंतिम संस्कार होगा।

डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई का शव नागरिक अस्पताल में पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद बिश्नोई समाज के लोग मौके पर पहुंचे। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बिश्नोई नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि सुरेंद्र बिश्नोई के बेटे सिद्धार्थ के आने का इंतजार किया जा रहा है।
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अपनी पत्नी के साथ सुरेंद्र सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार को उनके पहुंचने के बाद गांव सारंगपुर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक राकेश कुमार आर्य, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। सुरेंद्र बिश्नोई के शव को सम्मान के साथ शव गृह में रखवाया।

मौके पर पुलिस गार्द तैनात की। जाम्भाणी साहित्य अकादमी और अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रवक्ता पृथ्वी सिंह बैनीवाल ने उनके निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस के दबंग और ईमानदार पुलिस अधिकारी बिश्नोई का निधन देश और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 
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एक शादी समारोह में डीएसपी सुरेंद्र सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन महीने बाद होनी थी डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की रिटायरमेंट
नूंह (मेवात) के तावडू में खनन माफिया ने डंपर चढ़ाकर डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की हत्या कर दी। डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई मूल रूप से हिसार जिले के आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव सारंगपुर के रहने वाले थे। वह 8 भाई हैं। जिसमें दो भाईयों की पहले मौत हो चुकी है। वर्ष 1993 में वह हरियाणा पुलिस में एएसआई भर्ती  हुए थे।

करीब दस साल पहले 2012 में डीएसपी के पद पर पदोन्नत हुए और दो साल पहले ही गुरुग्राम जिले में उनका तबादला हुआ था। परिजनों ने बताया कि 31 अक्टूबर 2022 को सुरेंद्र बिश्नोई की रिटायरमेंट होनी थी। उनकी मौत की सूचना पहुंचते ही गांव में मातम छा गया। बुधवार दोपहर बाद 2 बजे गांव सारंगपुर में सुरेंद्र बिश्नोई का अंतिम संस्कार होगा। सुरेंद्र की पत्नी कौशल्या गृहिणी हैं।

जानकारी के अनुसार सुरेंद्र बिश्नोई के सबसे बड़े भाई अजीत थे। जिनकी 2009 में मौत हो चुकी है। दूसरे नंबर के भाई ओमप्रकाश गांव में ही खेतीबाड़ी का काम संभालते हैं। तीसरे नंबर के भाई मक्खन राजकीय महाविद्यालय हिसार से रिटायर हो चुके हैं। चौथे भाई जगदीश हाईकोर्ट में एएजी के पद से रिटायर हुए थे, उनका देहांत हो चुका है।

5वें नंबर पर सुरेंद्र बिश्नोई थे। छठे नंबर सुभाष राजकीय स्कूल में हेड टीचर हैं। सातवें भाई कृष्ण हिसार शहर में डेयरी चलाते हैं। आठवें सबसे छोटे भाई अशोक बिश्नोई सहकारी बैंक कुरुक्षेत्र में मैनेजर हैं। सुरेंद्र बिश्नोई पहले पशुपालन विभाग में कलस्टर सुपरवाइजर भर्ती हुए थे। यह पद वीएलडी के बराबर होता है।

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कुरुक्षेत्र के सेक्टर चार स्थित डीएसपी सुरेंद्र का घर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लंबे समय तक कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में नौकरी रही
वर्ष 1993 में उन्होंने हरियाणा पुलिस के लिए आवेदन किया। जिसके बाद एएसआई के पद पर उनका चयन हुआ। उनकी लंबे समय तक कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में नौकरी रही है। सुरेंद्र बिश्नोई ने कुरुक्षेत्र में अपना मकान बनाया हुआ है। इसी साल फरवरी में उनकी मां मन्नी देवी और मार्च में उनके पिता उग्रसेन की मौत हुई। 24 दिन के अंतराल में माता-पिता का साया उठ गया था, तब सुरेंद्र बिश्नोई अपने पैतृक गांव सारंगपुर आए थे। 

सुबह 8:53 बजे भाई से हुई थी बात 
अशोक ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8:53 बजे ही उसकी अपने बड़े भाई से बात हुई थी। इसी साल अक्टूबर महीने में उनकी रिटायरमेंट होनी थी। अशोक ने बताया कि बड़े भाई सुरेंद्र ने जल्द ही घर आने की बात कही थी। मंगलवार सुबह ही सुरेंद्र बिश्नोई की अपने बड़े भाई ओमप्रकाश से बात हुई थी। सुरेंद्र बिश्नोई ने बारिश के बारे में पूछा था। उन्होंने नरमा की खेती के बारे में भी जानकारी ली थी। 
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नूंह में डीएसपी की हत्या। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
बेटी बैंक में डिप्टी मैनेजर तो बेटा कनाडा में 
डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की बेटी प्रियंका है, जो बंगलूरू के एक बैंक में डिप्टी मैनेजर है। उनका दामाद भी बैंक मैनेजर हैं। बेटा सिद्धार्थ बीटेक के बाद मास्टर डिग्री के लिए कनाडा गया हुआ है। सिद्धार्थ की शादी हो चुकी है। उसके दो जुड़वा बेटों का जन्म 11 सितंबर 2020 को हुआ था। 

पिता को सरप्राइज देना चाहता था बेटा
सुरेंद्र बिश्नोई के भाई अशोक ने बताया कि हादसे के बाद मंगलवार दोपहर उनके भतीजे सिद्धार्थ का फोन आया। उसने पूछा कि चाचा जी यह न्यूज सच है क्या। सिद्धार्थ ने उन्हें कहा कि उसने अगस्त में अपने पिता सुरेंद्र बिश्नोई को सरप्राइज देने के लिए टिकट बुक कराया था। सिद्धार्थ बुधवार को दिल्ली पहुंचेगा। 
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कुलदीप बिश्नोई - फोटो : Social media
विधायक कुलदीप बिश्नोई ने जताया दुख
आदमपुर के विधायक कुलदीप बिश्नोई ने डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की हत्या पर गहरा दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इस सूचना से आहत हैं। सुरेंद्र बिश्नोई कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार अफसर थे। अवैध खनन रोकने पर उनकी डंपर से कुचलकर हत्या करना बेहद निंदनीय है। सीएम मनोहरलाल से मांग है कि हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कराकर कड़ी सजा दिलाई जाए। 

डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की खनन माफियाओं ने सरेआम कुचलकर हत्या की है। यह घटना हरियाणा सरकार के लिए शर्मनाक है। प्रदेश में कभी विधायकों को धमकी दी जा रही है। कभी पुलिस अधिकारियों की कुचल कर हत्या की जा रही है। नैतिकता के आधार पर सीएम मनोहरलाल को इस्तीफा देना चाहिए। केंद्र सरकार खनन माफिया की सीबीआई से जांच कराए। - जस्सी पेटवाड़, पूर्व जिला पार्षद

डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की हत्या ने प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। प्रदेश में पुलिस अधिकारी से लेकर विधायक तक कोई सुरक्षित नहीं है। हरियाणा में जंगलराज कायम हो चुका है। मृतक के परिवार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। - मनोज टाक माही, प्रदेश महासचिव, यूथ कांग्रेस

एक पुलिस अधिकारी की दिनदहाड़े डंपर से कुचलकर हत्या करना खनन माफिया की पुलिस को चुनौती है, जिनमें सरकार व पुलिस का कोई खौफ नहीं है। भिवानी के तोशाम में अवैध खनन का मामला भी पिछले दिनों सामने आया था। इससे पहले अवैध खनन दादरी जिले में आया था। इसमें अधिकारियों से लेकर मंत्री तक पर आरोप लगे थे। सरकार अवैध खनन को रोकने में पूरी तरह से नाकाम है। - कृष्ण सातरोड़, पूर्व जिला पार्षद
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