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मैक्सिमम क्लोन फॉर वन बुल: CIRB का नाम लिम्का बुक में हुआ दर्ज, डेढ़ साल पहले किया था आवेदन

Wed, 15 Mar 2023 01:00 PM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने क्लोन तकनीकि में नया प्रयोग करते हुए ही एक झोटे से अधिकतम क्लोन बनाया था। प्रयोग सफल होने के बाद करीब डेढ़ साल पहले लिम्का बुक में नाम दर्ज करने के लिए आवेदन किया गया था।
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सीआईआरबी का नाम लिम्का बुक में दर्ज - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। संस्थान को यह उपलब्धि मैक्सिमम क्लोन फॉर वन बुल (एक ही झोटे से सात क्लोन) के लिए मिला है।

डेढ़ साल पहले किया था आवेदजन
सीआईआरबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पीएस यादव ने बताया कि संस्थान के वैज्ञानिकों ने क्लोन तकनीकि में नया प्रयोग करते हुए ही एक झोटे से अधिकतम क्लोन बनाया था। प्रयोग सफल होने के बाद करीब डेढ़ साल पहले लिम्का बुक में नाम दर्ज करने के लिए आवेदन किया गया था।
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प्रमाण पत्र की कॉपी - फोटो : अमर उजाला
क्लोनिंग प्रभारी डॉ. पीएस यादव को चीफ एडिटर की तरफ से मंगलवार को लिम्का बुक में नाम दर्ज होने का सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ।
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वीर गौरव - फोटो : अमर उजाला
संस्थान के निदेशक डॉ. टीके दत्ता ने बताया कि तीन साल पहले भी केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान का नाम पहले भी इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है।

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चर्चा करते वैज्ञानिक - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा नानाजी देशमुख टीम अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह उपलब्धि अक्तूबर 2019 से जनवरी 2020 के बीच संस्थान के वैज्ञानिकों ने क्लोनिंग प्रभारी डॉ. पीएस यादव के नेतृत्व में रिसर्च करने पर पाई है।
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जानकारी लेते वैज्ञानिक - फोटो : अमर उजाला
रिसर्च टीम में डॉ. प्रेम यादव, डॉ. नरेश एल सेलोकर, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. राजेश, डॉ. मोनिका सैनी व डॉ. सीमा दुआ शामिल रहीं।
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