कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने शनिवार को हरियाणा में चक्का जाम कर दिया। दोपहर 12 से तीन बजे तक नेशनल और स्टेट हाईवे बंद रखे गए। तीन बजते ही हाईवे खोल दिए गए। दिल्ली की सीमा पर जहां धरने चल रहे हैं, उनके अलावा दिल्ली के अंदर कोई सड़क जाम नहीं की गई। वहीं दिल्ली चंडीगढ़ हाईवे जाम होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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चक्का जाम हरियाणा में: हिसार में ट्रैक्टर चलाकर धरना देने पहुंची महिला
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को 12 बजे धरना शुरू हुआ तो महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा थी। हिसार में सुरेवाला मोड़ पर पूनम देवी ट्रैक्टर चलाकर पहुंची और थाली बजाकर चक्का जाम की शुरुआत की। सिरसा के डबवाली में गोल चौक पर किसानों ने धरना लगाया है। यह चौक हरियाणा को पंजाब से जोड़ता है। वहीं सोनीपत में किसानों ने केएमपी एक्सप्रेसवे पर जाम लगाया। किसानों ने कहा कि जब तक तीनों कानून रद्द नहीं होंगे, आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि आज सिर्फ जाम लगाया है, आगे की रणनीति भी जल्द तैयार होगी।
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चक्का जाम हरियाणा में: यमुनानगर में चक्का जाम के दौरान एंबुलेंस को रास्ता देते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
चक्का जाम के दौरान एमरजेंसी सेवाओं एंबुलेंस, स्कूल बस, सुरक्षा बलों के वाहन नहीं रोके गए। किसान मोर्चे ने चक्का जाम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। हिसार के बाडोपट्टी टोल पर महिलाएं गीत गाते हुए धरना देने पहुंची।
जींद में रोडवेज ने शनिवार को 3 घंटे के लिए बसों को बंद किया था। जींद रोडवेज डिपो में अकाउंट ऑफिसर सुनील कुमार भाटिया ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किए गए 3 घंटे के रोड जाम को देखते हुए सुरक्षा के तौर पर बसें बंद की गई थी।
चक्का जाम हरियाणा में: सिरसा के डबवाली में गोल चौक पर धरना दे रहे किसान।
- फोटो : अमर उजाला
संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ किया था कि दिल्ली के अंदर किसी भी जगह जाम नहीं लगाया जाएगा और दिल्ली की सीमा पर जितनी जगह पर धरना चल रहा है, उन ही जगह पर जाम रखा जाएगा। इसके साथ ही चक्का जाम में शामिल किसानों से अपील की गई थी कि अगर किसी को परेशानी है तो उसे भी जाने दिया जाए।