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Kisan Andolan Photos: दिनभर टकराव...हरियाणा में फिर न घुस पाए किसान, बैरिकेड उखाड़ने लगे तो किया मिर्ची स्प्रे

Mon, 09 Dec 2024 09:53 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अंबाला/पटियाला/चंडीगढ़

सार

दिनभर टकराव के बाद किसान हरियाणा में फिर नहीं घुस पाए। किसानों ने दिल्ली कूच एक दिन और टाल दिया है। हरियाणा पुलिस ने पहले फूल और चाय-बिस्किट से स्वागत किया। किसान कूच पर अड़े तो पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे।
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Kisan Andolan - फोटो : अमर उजाला
एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर शंभू बॉर्डर पर पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच का प्रयास एक बार फिर असफल रहा। रविवार दोपहर 12 बजे किसानों का 101 सदस्यीय मरजीवड़ा जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ लेकिन शंभू सीमा पर उन्हें पुलिस ने फिर से रोक दिया। करीब पौने चार घंटे दोनों में टकराव हुआ। 

देर शाम हरियाणा और पंजाब पुलिस की किसानों से बैठक हुई। इसके बाद किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की ओर से केंद्र सरकार के साथ बातचीत करवाने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली कूच एक और दिन के लिए टाल दिया है। उधर, खन्नौरी में 12 दिन से आमरन अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत बिगड़ती जा रही है।
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शंभू सीमा पर पुलिस किसानों पर पानी की बोछार कर खदेड़ते हुए - फोटो : संवाद
तय कार्यक्रम के तहत, दोपहर करीब 12 बजे किसानों का जत्था रवाना हुआ तो हरियाणा पुलिस ने किसानों का वहां फूल बरसाकर स्वागत किया और चाय के साथ बिस्किट खिलाए लेकिन दिल्ली कूच पर अड़े किसान जब बैरिकेडिंग पर चढ़ने लगे और आगे जाने पर अड़ गए तो फिर दोनों तरफ से टकराव होने लगा, जो करीब पाैने चार घंटे चला। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की। 
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शंभू सीमा पर पुलिस द्वारा छोडे़ गए आंसू गैस के गोले से बचने के लिए भागते किसान - फोटो : संवाद
इसमें सात किसान घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर है। एक किसान को पीजीआईजी चंडीगढ़ रेफर किया गया है। टकराव के बाद शाम करीब चार बजे किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने जत्थे को वापस बुला लिया। इसके बाद पंधेर ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, मिर्ची स्प्रे किया और रबड़ की गोलियां भी चलाई, जिससे किसान घायल हुए है।

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शंभू सीमा पर पुलिस द्वारा छोडे़ गए आंसू गैस के गोले से बचने के लिए भागते किसान - फोटो : संवाद
पंधेर ने कहा, केंद्र सरकार के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रचार तंत्र है, जिसके जरिये किसानों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। किसानों को देश विरोधी दिखाया जा रहा है। आज जो शंभू बॉर्डर पर किसानों के साथ हुआ, उसे पूरे देश ने देखा है। किसान पैदल जा रहे थे। उनके पास कोई हथियार नहीं था। फिर भी क्यों पुलिस उन्हें रोक रही है।
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शंभू सीमा पर आंसूगैस के गोले के धुंए से बचने के लिए चेहरे को कपडे़ से ढांपकर खड़ा किसान - फोटो : संवाद
किसानों की ओर से पहचान पत्र न दिखाए जाने के बारे में पंधेर ने कहा कि जिन 101 किसानों की सूची पंजाब व हरियाणा सरकारों को दी गई थी, वही दिल्ली कूच के लिए गए थे। हरियाणा पुलिस प्रशासन की ओर से किसानों के खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। जिस तरह का व्यवहार किसानों के साथ किया जा रहा है वह बेहद निंदनीय है।
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किसानों पर छोडे़ गए आंसू गैस के गोले के धुएं से आंखों में हो रही जलन के बाद पानी से आंख धोता किसान - फोटो : संवाद
पंधेर बोले- केंद्र से बातचीत के भरोसे पर टाला दिल्ली कूच, हरियाणा पुलिस का आश्वासन से इन्कार
पंधेर ने बताया कि हरियाणा के पुलिस अधिकारियों ने उनकी केंद्र से बातचीत कराने का आश्वासन दिया है। बातचीत के लिए जत्थेबंदियों के दरवाजे पहले से ही खुले थे। किसानों के मसले बातचीत के जरिये ही हल हो सकते हैं। इस पर अंबाला के एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि हरियाणा पुलिस की तरफ की किसानों को किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया गया है।
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शंभू सीमा पर किसानों के आगे हाथ जोड़ते डीएसपी - फोटो : संवाद
हरियाणा से दिल्ली जाने के अनुमति दिखाने पर हरियाणा पुलिस को किसानों के जाने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, पटियाला के एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने कहा कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई है। उम्मीद है जल्द मसले का हल हो सकेगा। बैठक में क्या निर्णय हुआ, इसकी जानकारी अभी नहीं दी जा सकती।

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किसानों को वापस धरना स्थल पर जाने के लिए किसानों के आगे हाथ जोड़ती महिला किसान - फोटो : संवाद
पहचान पत्र को लेकर बहस
किसानों के शंभू सीमा पर पहुंचने के बाद पहचान पत्र दिखाने को लेकर हरियाणा पुलिस और किसानों में बहस हुई। पुलिस पहचान पत्र देखने पर अड़ी रही जबकि किसानों ने कहा कि पहले जत्थे को जाने दें, फिर आईडी दिखाएंगे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके पास जो सूची है, जत्थे में वो किसान हैं ही नहीं। ऐसे में इन लोगों को कैसे सीमा में घुसने दें। पुलिस ने किसानों से दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करने संबंधी दिल्ली पुलिस का अनुमति पत्र भी मांगा।

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शंभू बॉर्डर पर किसानों पर फूलों की बरसात करती पुलिस - फोटो : पीआरओ
बचाव के लिए बांटे मास्क और चश्मे
दिल्ली कूच को निकले जत्थे को चश्मे और मास्क बांटे गए ताकि आंसू गैस के गोले छोड़ने पर मास्क से जहरीले धुएं से बचा जा सके। साथ ही मिर्ची स्प्रे से बचाव के लिए चश्मे बांटे गए। पानी की बोतल और नमक भी दिया गया। किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर ने कहा कि थोड़ा सा नमक जीभ पर रखने से आंसू गैस के गोलों के धुएं का असर कम होता है।
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शंभू सीमा पर किसानों पर स्प्रे करता जवान - फोटो : संवाद
बैरिकेड उखाड़ने लगे तो किया मिर्ची स्प्रे
किसान सीमेंट की बैरीकेडिंग पर लगे लोहे के जंगले को उखाड़ने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उनके चेहरों पर मिर्ची स्प्रे किया। इससे उनकी आंखों में जलन होने लगी। इस टकराव में रेशम सिंह, भगता भाई बठिंडा, मेजर सिंह तरनतारन, दिलबाग सिंह गिल, करनैल सिंह लंग, हरभजन सिंह, कुलविंदर सिंह अटवाल घायल हुए हैं। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। रेशम सिंह के सिर में चोट लगी है। उन्हें पीजीआई भेजा गया है। करनैल सिंह ऑक्सीजन पर हैं।
 
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