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ADGP Suicide Case: एफआईआर में जोड़ी मजबूत धारा... एसआईटी ने मांगा FIR का रिकॉर्ड; बिजारणिया से होगी पूछताछ!

Sun, 12 Oct 2025 02:19 PM IST
शाहरुख खान संदीप खत्री, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या मामले में दर्ज एफआईआर में पुलिस ने धाराएं जोड़ दी हैं। ऐसा उनकी पत्नी द्वारा एससी/एसटी अधिनियम के "संबंधित प्रावधानों" को जोड़ने की चिट्ठी के बाद किया गया है।
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आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2) (वी) जोड़ दी। मृतक की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार और दलित संगठन इस धारा को जोड़ने की मांग कर रहे थे।

एसआईटी ने अब रोहतक में दर्ज एफआईआर का रिकॉर्ड मांगा है ताकि जांच की जा सके कि यह एफआईआर किस आधार पर दर्ज की गई थी। सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्ड मिलने के बाद पूर्व एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।
 
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आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार और डीजीपी शत्रुजीत कपूर की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस द्वारा कमजोर धाराएं लगाने पर यह प्रावधान उन अपराधों पर लागू होता है जिनमें अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर गंभीर चोट या मृत्यु का सामना करना पड़ता है। 

 
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पीजीआई पहुंचे हुए आईजीपी पुष्पेंदर कुमार और एसएसपी कंवरदीप कौर पीजीआई मुर्दा घर से बाहर आते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार ने एक दिन पहले यूटी एसएसपी कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर एफआईआर में कमजोर धाराएं लगाने और मुख्य आरोपियों के नाम हटाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पुलिस ने जानबूझकर एफआईआर को कमजोर किया है ताकि प्रभावशाली अधिकारियों को बचाया जा सके।

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वाई पूरण कुमार का शव पीजीआई में ले जाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएसपी के आदेश पर शव शिफ्ट, एसएचओ को नहीं थी जानकारी
सूत्रों के अनुसार, एसएसपी ने जब सेक्टर-24 चौकी प्रभारी नीरज कुमार से पूछा तो उन्होंने बताया कि शव डीएसपी उदयपाल के आदेश पर शिफ्ट किया गया। सेक्टर-11 थानाध्यक्ष जयवीर राणा ने कहा कि उन्होंने कोई आदेश नहीं दिए। 
 
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वाई पूरण कुमार का शव पीजीआई में ले जाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएसपी उदयपाल ने सफाई दी कि उन्होंने केवल शव को कागजी कार्रवाई के लिए रिलीज करने की बात कही थी ताकि परिजन दर्शन कर सकें लेकिन मैसेज को गलत समझकर शव पीजीआई भेज दिया गया।
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पीजीआई पहुंचे हुए आईजीपी पुष्पेंदर कुमार और एसएसपी कंवरदीप कौर पीजीआई मुर्दा घर से बाहर आते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह 8:43 पर निकला शव डीएसपी एक घंटा पहले पहुंचे
शनिवार सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर शव एंबुलेंस में सेक्टर-16 अस्पताल से निकला। लगभग 8 बजे डीएसपी उदयपाल मोर्चरी पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था देखने के बाद चले गए। इसके बाद सेक्टर-17 नीलम चौकी प्रभारी सतीश कुमार और सेक्टर-24 चौकी प्रभारी नीरज कुमार मौके पर पहुंचे। 
 
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पीजीआई पहुंचे हुए आईजीपी पुष्पेंदर कुमार और एसएसपी कंवरदीप कौर पीजीआई मुर्दा घर से बाहर आते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आईजी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर समेत छह सदस्यीय एसआईटी टीम कई घंटे तक पीजीआई में मौजूद रही। टीम देर शाम तक परिवार की सहमति का इंतजार करती रही लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
 

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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी - फोटो : पीटीआई
नई धारा में आजीवन कारावास का प्रावधान
धारा 3(2) (वी) के तहत अगर किसी अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति के साथ उसकी जाति के कारण ऐसा अपराध किया जाए जिससे उसकी गंभीर चोट या मृत्यु हो तो दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा दी जा सकती है। पहले दर्ज की गई धाराओं में अधिकतम सजा पांच साल तक थी जबकि नई धारा में आजीवन कारावास का प्रावधान है।
 

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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी - फोटो : पीटीआई
एसआईटी की जांच तेज, रोहतक में दर्ज एफआईआर पर सख्त नजर
एसआईटी प्रमुख आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने हरियाणा पुलिस को पत्र लिखकर रोहतक एफआईआर, जांच दस्तावेज और संबंधित पत्राचार मांगा। जांच का उद्देश्य है यह पता लगाना कि क्या मामला जानबूझकर पूरन कुमार के खिलाफ दर्ज किया गया था। 
 
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव को लेकर जाती पुलिस - फोटो : पीटीआई
एसआईटी यह भी जांच करेगी कि क्या यह झूठा मामला उस जातिगत उत्पीड़न की श्रृंखला का हिस्सा था, जिसका जिक्र अधिकारी ने अपने फाइनल नोट में किया था। अमनीत का आरोप है कि हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर के निर्देश पर झूठे आरोपों की साजिश रची गई।
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