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शहीद कैप्टन पवन को 13 दिन में भूले नेता, पिता गर्वित

Sat, 05 Mar 2016 03:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
जम्मू के पंपोर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए कैप्टन पवन खटकड़ की शहादत को रस्म तेरहवीं पर हुए समागम में हर किसी ने सेल्यूट किया। कोई नेता-मंत्री नहीं पहुंचा।
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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन पवन खटकड़ के पिता शिक्षाविद् राजबीर खटकड़ ने बताया कि जब पवन आईएमए देहरादून पहुंचा तो सेना के अधिकारियों ने उसके कमीज पर बैज लगाया। उस पर लिखा था मेरा बेटा देश को समर्पित। मैंने उसी दिन समझ लिया था कि मेरा बेटा अब मेरा नहीं रहा, बल्कि देश का हो गया है। उसे अपने बेटे पर गर्व है। एक बेटा होने के चलते उसे नुकसान तो हुआ है, लेकिन उसे इसके लिए दुख नहीं, क्योंकि उसका बेटा देश के काम आया है।
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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन पवन खटकड़ के पिता राजबीर खटकड़ ने कहा कि हमें तो सेना की वर्दी देखकर गर्व महसूस होता है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोग सेना का साथ नहीं देते। जब भी कार्रवाई करने सेना के जवान आते हैं तो उन पर पथराव किया जाता है। एक बार स्थानीय लोगों ने सेना पर पथराव किया तो पवन को एक पत्थर मुंह पर लगा, उसके दांत तथा मुंह पर चोट आई थी। चोट लगने के बावजूद भी पवन ने आपरेशन में भाग लिया और आखिरी दम तक आतंकवादियों से लड़ता रहा।

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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
बेशक प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा के तमाम नेता सीमा पर देश के लिए शहीद होने वाले वीर सैनिकों के लिए बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन शुक्रवार शहीद कैप्टन पवन कुमार की रस्म तेरहवीं में सरकार की तरफ से सिर्फ जिला प्रशासन ही शरीक हुआ। मुख्यमंत्री या कैबिनेट मंत्री के नहीं पहुंचने का मामला मंच से भी कुछ संस्थाओं ने उठाया। शहीद पवन कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए सरकार का किसी मंत्री का नहीं पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा।
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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धांजलि समारोह में हर व्यक्ति ने कैप्टन की शहादत को सैल्यूट किया। उनके पैतृक गांव बधाना की पंचायत ने गांव की 50 एकड़ पंचायती जमीन को प्रस्ताव पारित करके उस पर कैप्टन पवन खटकड़ के नाम से सैनिक स्कूल बनाने की मांग की है। गांव की सरपंच अनिता ने ग्राम पंचायत में इसके लिए प्रस्ताव पारित किया और प्रदेश सरकार तथा केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर जल्द सैनिक स्कूल की मंजूरी देकर वहां स्कूल बनाने की मांग करने की बात कही।
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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष कर्नल डीके भारद्वाज ने कहा कि इस प्रयास का स्वागत करते हैं। सेक्टर नौ में बने स्टेडियम का भी शहीद कैप्टन पवन खटकड़ के नाम से रखने की मांग की गई। गांव बधाना की सरपंच अनिता ने कहा कि ग्राम पंचायत के पास 50 एकड़ जमीन पंचायती जमीन है। इस जमीन पर गांव के लाडले शहीद कैप्टन पवन खटकड़ के नाम से सैनिक स्कूल बनाने के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष कर्नल डीके भारद्वाज ने कहा कि सेना में युवाओं को आगे आने की जरूरत है। पहले जहां देश की सेवा के लिए सेना में 25 लाख परिवार जुड़े थे, अब वह सिमटकर 18 लाख परिवार रह गए हैं। शहीद कैप्टन पवन खटकड़ की बहादुरी की बातें सुनकर श्रद्धांजलि समारोह में आई महिलाएं व पुरुष फफक पड़े। हालांकि इस दौरान शहीद के पिता राजबीर खटकड़ को अपने बेटे का देश के लिए काम आने पर गर्व दिखाई दिया।
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शहीद कैप्टन पवन - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि 20 फरवरी की रात को जम्मू-श्रीनगर के पंपोर इलाके में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों के एक समूह ने फायरिंग की और एक बहुमंजिला इमारत में घुस गए। इसकी सूचना मिलने पर 10 पैरा को आतंकवादियों को ठिकाने लगाने के लिए भेजा गया। 10 पैरा की इस टीम की अगुवाई कैप्टन पवन खटकड़ कर रहे थे। आतंकवादियों के साथ चली मुठभेड़ में एक गोली कैप्टन पवन खटकड़ को लगी और अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली।
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