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शिक्षिका हत्याकांड में नया अपडेट: सीबीआई ने बताया आत्महत्या, एम्स की रिपोर्ट में हत्या का इशारा; कैसे हुई मौत?

Sat, 12 Sep 2026 09:51 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, भिवानी

सार

भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा नहीं हुआ है। सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट और एम्स की रिपोर्ट में विरोधाभास है। सीबीआई ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि एम्स की रिपोर्ट में हत्या का इशारा है। शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त 2025 की सुबह घर से निकलने के बाद लापता हो गई थी। उसका शव 13 अगस्त की सुबह दो दिन बाद सिंघानी गांव के समीप नहर के पास खेत में मिला था। शव से चेहरा, नाक की संरचनाएं, दोनों आंखों के सॉकेट और गर्दन गायब थी।
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teacher Manisha Death - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा(19) के बहुचर्चित मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष निकाला है। यह निष्कर्ष दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत है। एम्स की रिपोर्ट में मनीषा की मौत का कारण धारदार हथियार से लगीं चोटों को बताया गया है।

मनीषा के पिता संजय कुमार ने कहा कि परिवार सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। इस निर्णय को चुनौती दी जाएगी। वहीं, मनीषा की मौत की प्रारंभिक जांच के दौरान के हालात का सीबीआई की जांच रिपोर्ट में कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
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मनीषा की हत्या के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
सीबीआई का निष्कर्ष मुख्य रूप से भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल और रोहतक पीजीआईएमएस में किए गए पोस्टमार्टम पर आधारित है। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गठित पांच चिकित्सकों के सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल बोर्ड (एसएसएमबी) की राय भी ली गई।
 
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महिला शिक्षिका की हत्या - फोटो : अमर उजाला
मनीषा 11 अगस्त 2025 की सुबह घर से निकलने के बाद लापता हो गई थी। उसका शव 13 अगस्त की सुबह दो दिन बाद सिंघानी गांव के समीप नहर के पास खेत में मिला था। शव से चेहरा, नाक की संरचनाएं, दोनों आंखों के सॉकेट और गर्दन गायब थी।

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Bhiwani Murder case - फोटो : अमर उजाला
परिवार ने दुष्कर्म, हत्या और अंगों को निकालने का गंभीर आरोप लगाया था। घटनास्थल के बाद 11 अगस्त को एक हस्तलिखित सुसाइड नोट में सामने आया था। इसमें मनीषा ने बीएससी नर्सिंग करने की इच्छा जताई थी।
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घटनास्थल से शव को लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक की क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला ने लिखावट की पुष्टि की। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में मनीषा को 11 अगस्त को दोपहर करीब दो बजे कीटनाशक खरीदते हुए देखा गया था।

 
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शिक्षिका की हत्या के बाद घटनास्थल का दौरा करते आईजी वाई पूर्ण कुमार और एसपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम रिपोर्टों में विरोधाभास
भिवानी और रोहतक के अस्पतालों में हुए पहले दो पोस्टमार्टम में गर्दन पर चोटें और चेहरे-गर्दन की संरचनाओं का नुकसान पाया गया। दोनों ने जहर को मौत का कारण बताया। विसरा रिपोर्ट में ऑर्गेनो फॉस्फोरस मिला। विरोध के बाद एम्स, दिल्ली में तीसरे पोस्टमार्टम में विच्छेदित गर्दन संदिग्ध पाई गई। एम्स बोर्ड ने मौत का कारण धारदार हथियार से लगी गंभीर चोट बताया।
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शिक्षिका की हत्या के बाद पुलिस जांच करती हुई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीबीआई का निष्कर्ष
एम्स बोर्ड को जहर के सबूत नहीं मिले। इसके बाद सीबीआई ने एसएसएमबी की राय ली। एसएसएमबी ने एम्स के निष्कर्षों को खारिज करते हुए गायब संरचनाओं का कारण जानवरों की गतिविधि बताया। बोर्ड ने मनीषा की मौत ऑर्गेनो फॉस्फोरस विषाक्तता से होने का निष्कर्ष दिया। एसएसएमबी की राय पर सीबीआई ने मनीषा की मौत को मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या बताया।

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शिक्षिका मनीषा का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट का पुलिंदा घर भेजा
मनीषा के पिता संजय कुमार का कहना है कि सीबीआई की तरफ से करीब 3700 पेज का दस किलो वजनी क्लोजर रिपोर्ट का पुलिंदा भेजा गया है। इसमें सीबीआई ने मनीषा की मौत को आत्महत्या करार दिया है। सीबीआई के इस फैसले को चुनौती देंगे।
 
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शिक्षिका मनीषा का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीबीआई के पूर्व उप कानूनी सलाहकार एडवोकेट हर्ष मोहन सिंह ने बताया कि वह इस मामले की निशुल्क पैरवी करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस और अब सीबीआई ने मामला दबाया है। सीबीआई के पास अब भी कई सवालों के जवाब नहीं हैं। इस मामले में तथ्यों का अवलोकन कर निश्चित तौर पर चुनौती दी जाएगी।
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