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खुलासा: धन के लालची भाई ने भाई-भाभी, भतीजी को मार डाला, अंगीठी के धुएं से हादसा दिखाया, अखबार से लिया आइडिया

Mon, 06 Feb 2023 09:46 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
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पुलिस गिरफ्त में नई बस्ती हत्याकांड मामले के आरोपी प्रदीप(लाल कपड़े) व बिजेंद्र(काले ट्रैक शूट में)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के भिवानी में सुनियोजित हत्या को हादसे का रूप देने के लिए सगे बड़े भाई बिजेंद्र ने ही जेबीटी शिक्षक जितेंद्र के परिवार को मौत की नींद सुलाने की साजिश छह माह पहले रच डाली थी। जिसे अंजाम देने के लिए तीनों को जूस में छह पत्ते नींद की दवा पिलाई और फिर नींद में ही उनके कमरे में अंगीठी का धुंआ कर उन्हें हमेशा के लिए सुला दिया।

छोटे भाई की करोड़ों रुपयों की संपत्ति को हड़पने के लालच में बिजेंद्र अपने ही भाई के परिवार का हत्यारा बन बैठा। हत्या से एक दिन पहले ही बिजेंद्र गुरुग्राम से अंगीठी खरीदकर लाया था। रविवार को पुलिस ने अपने छोटे भाई के परिवार की साजिश के तहत हत्या करने के आरोपी बिजेंद्र और उसके साथी प्रदीप को गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है।

दोनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस दौरान हत्या से जुड़े कई राज उगलने अभी बाकी हैं। विद्या नगर निवासी प्रदीप के खिलाफ सदर थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। चांग गांव में प्रदीप होटल चलाता है।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नई बस्ती निवासी जेबीटी शिक्षक जितेंद्र (45), उसकी पत्नी सुशील (42) और दसवीं में पढ़ने वाली हिमानी (16) 27 जनवरी को घर पर एक ही बेड पर संदिग्ध हालत में मृत अवस्था में मिले थे। पुलिस ने मौके पर प्रारंभिक जांच में अंगीठी से दम घुटने की वजह से तीनों की मौत मान रही थी। पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह दम घुटने से ही पता लगी थी।
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परिजनों से जानकारी लेते पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लेकिन पुलिस और परिजनों को कई सवालों के जवाब ढूंढने बाकी थे, जिनकी तहकीकात में शक की सूई जितेंद्र के बड़े भाई बिजेंद्र उर्फ डॉक्टर के ईद-गिर्द की ओर ही घूम रही थी। इसके बाद पुलिस ने बिजेंद्र को हिरासत में लिया और उसे पूछताछ की। इसके बाद बिजेंद्र ने हत्या का राज पुलिस के सामने उगल दिया।

पुलिस के सामने बिजेंद्र ने बताया कि वह अपने छोटे दिव्यांग भाई जेबीटी टीचर जितेंद्र की संपत्ति पर नजर रखता था। वह नहीं चाहता था कि उसके छोटे दिव्यांग भाई की शादी हो और वह संपत्ति में हिस्सेदार बने। लेकिन जितेंद्र ने न केवल अपनी काबिलियत पर खुद की प्रॉपर्टी को बढ़ाया, बल्कि बिजेंद्र का नई बस्ती वाला मकान भी 58 लाख रुपये में खरीद लिया था।

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परिवार की जानकारी देते मृतका सुशीला के पिता धर्मपाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद तो बिजेंद्र का लालच और बढ़ गया। इसी लालच में बिजेंद्र ने प्रॉपर्टी को लेकर अपनी सगी बहन से भी अनबन कर ली थी। उसने खुलासा किया कि छह माह पहले ही उसके दिमाग में छोटे भाई और उसके परिवार को खत्म करने की साजिश रच दी थी। लेकिन अखबार में अंगीठी से मौत की खबरें पढ़ने के बाद उसे इसका आइडिया आया।
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मृतकों के घर के बाहर खड़े क्षेत्रवासी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
उसने 25 जनवरी को गुरुग्राम से नई अंगीठी खरीदी और फिर वह अपने भाई के घर पहुंचा। 26 जनवरी को आरोपी बिजेंद्र अपने छोटे भाई और उसके बीवी और बेटी को अपनी गाड़ी में बैठाकर अपने पैतृक गांव बड़ी भैणी में परिजनों से मिलाने भी लेकर गया। शाम को जब वे गाड़ी से तीनों लौट रहे थे तो उसने छह माह पहले अपना मकसद पूरा करने के लिए खरीदी नींद की गोलियों को बड़ चौक पर एक जूस की दुकान पर जूस लेने के दौरान मिला दिया। तीनों को छह पत्ते नींद की गोलियों की ओवरडोज दी गई।
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मकान के स्टोर में रखी अंगीठी के लिए लकड़ियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
इसके बाद घर पहुंचते ही जितेंद्र और उसकी बेटी एक बेड पर गहरी नींद में सो गए। वहीं सुशीला दूसरे कमरे में सो गई। इसके बाद आरोपी बिजेंद्र ने सुशीला को उठाकर बेटी और पति के पास बेड पर सुला दिया। इस दौरान सुशीला के नाक की नथ भी टूटकर नीचे गिर गई थी और उसके नाक से खून भी आ गया था। फिर उसने गैस पर लकड़ी से कोयला बनाया और फिर कमरे में अपने साथ लाई अंगीठी जला दी और पूरे कमरे को धुएं से भर दिया। ताकि सभी को अंगीठी के हादसे की वजह से तीनों की मौत का अंदेशा हो जाए।
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तीन घंटे में दिया बिजेंद्र ने अपने साथी प्रदीप के साथ वारदात को अंजाम

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पुलिस को मृतकों के फोन देते - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
भाई के परिवार को नियोजित तरीके से मौत के घाट उतारने के लिए बिजेंद्र अपने साथी प्रदीप के साथ तीन घंटे तक घर पर रहा। उसने हत्या को हादसा दर्शाने के लिए हर संभव माहौल बनाया और सबूत भी मिटाने के लिए हर संभव कोशिश की। उसने एक पॉलिथीन के अंदर भी हर संदिग्ध चीज को अपने साथ रख लिया। इसके बाद उसने नीचे और कमरे के दरवाजे भी बंद किए और फिर दूसरी मंजिल की छत से नीचे खाली प्लाट में छलांग लगाकर बाहर निकल गया। इस वारदात के दौरान उसका साथी प्रदीप घर के निचले हिस्से में मौजूद रहा।

चोरी की वारदात दिखाने के लिए भी अलमारी से चुराए गहने
बिजेंद्र पूरी तरह से आश्वस्त यह भी होना चाहता था कि किसी को उस पर शक न हो, इसलिए उसने अलमारी से गहने भी चुराए और इन गहनों को उसने गुरुग्राम में एक जौहरी को सात-आठ लाख रुपये में बेच दिया था।

आपराधिक दिमाग की वजह से ही कहते थे बिजेंद्र को डॉक्टर

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भिवानी में घर में मिले तीन शव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)।
बड़ी भैंणी निवासी बिजेंद्र की पत्नी शिक्षक लगी है और उसका एक बेटा भी है। उसका परिवार भौंडसी में रहता है। जबकि उसका शातिर दिमाग आपराधिक प्रवृत्ति का है। जिस पर पहले भी आठ-दस चोरी व झगड़े के केस दर्ज हैं। वह अपराध के लिए रिसर्च करता रहता था। इसलिए उसे गांव वाले डॉक्टर भी कहते हैं। उसने भाई की हत्या के लिए भी पहले जहर देने व घर के अंदर आग लगाकर हत्या करने की भी साजिश रची थी, मगर बाद में उसे अंगीठी से हत्या को हादसा दिखाने का आइडिया आया था।

गांव में है चार एकड़ पुश्तैनी जमीन, शहर में थे जितेंद्र के दो घर
जेबीटी दिव्यांग शिक्षक जितेंद्र बेहद ही सज्जन था। उसकी गांव में चार एकड़ पुश्तैनी जमीन और घर था, जबकि भिवानी में भी उसका सेक्टर में ढाई सौ वर्गगज का मकान और नई बस्ती में भाई से खरीदा मकान था। करोड़ों की संपत्ति और एक बेटी के पिता जितेंद्र की जायदाद हड़पने के लिए काफी अर्से से बिजेंद्र साजिश रच रहा था।

ऐसे हुआ पुलिस को शक

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पड़ोसियों से जानकारी लेते पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
मृतक सुशीला के पिता धर्मबीर को शुरुआत से ही बिजेंद्र पर शक था। ऐसे में पुलिस ने बिजेंद्र की गतिविधियां जांचीं। इसके बाद उसकी गाड़ी से भी राख व अन्य संदिग्ध सामान मिला। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी जांची। इसके बाद पुलिस ने उसी के मुंह से हत्या का राज कड़ी पूछताछ में उगलवा लिया।
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जांच करती पुलिस। कमरे में रखी अंगीठी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
आरोपी बिजेंद्र ने अपने साथी प्रदीप के साथ मिलकर भाई के परिवार को खत्म करने का जघन्य अपराध संपत्ति हड़पने के लिए किया है। वह आपराधिक मानसिकता का है। पुलिस ने उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है। हमारी कोशिश रहेगी कि इस तरह का जघन्य अपराध कर समाज पर कलंक बने बिजेंद्र को कभी जेल से बाहर आने का मौका न मिले और उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। विद्या नगर निवासी प्रदीप के खिलाफ एक पुराने मामले में भी सदर थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। चांग गांव में प्रदीप होटल चलाता है। - अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक भिवानी।
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