राधेश्याम पहलवान
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ओलंपिक में हुआ था चयन पर नहीं गए
राधेश्याम बताते हैं कि उस समय वह कक्षा पांच तक ही पढ़े थे। ऐसे में कुश्ती खेल में तकनीकि के आधार पर उनका खेल काफी मजबूत था, मगर उन्हें पता नहीं था कि ओलंपिक का कितना महत्व है। वर्ष 1972 में म्यूनिख में ओलंपिक होना था, जिसके लिए महाराष्ट्र पुणे में कुश्ती का कैंप लगाया गया था। यहां पर राधेश्याम का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा था, मगर कुश्ती में चयन होने के बाद वो अपने घर अंबाला आ गए थे। उनका कहना है कि तब उन्हें इतनी जानकारी नहीं थी कि ओलंपिक में प्रतिभाग करने का क्या मतलब होता है। इसके बाद रेलवे की कुश्ती की टीम में राधेश्याम का चयन हो गया। रेलवे की टीम की तरफ से कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग करते रहे।