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राष्ट्रपति की राफेल उड़ान: ऑपरेशन सिंदूर में देश का शौर्य बनी गोल्डन ऐरो... फाइटर जेट से उड़ाया था पाक एयरबेस

Thu, 30 Oct 2025 11:29 AM IST
शाहरुख खान वैभव शर्मा, अमर उजाला, अंबाला

सार

राष्ट्रपति के राफेल में बैठने के बाद कमांडिंग ऑफिसर अमित ने राफेल को रनवे पर शुरुआत के 14 मिनट तक घुमाया। इसके बाद विमान से उड़ान शुरू की गई। कुछ ही सेकेंड में विमान आसमान की तरफ बढ़ते हुए गायब हो गया। उनके पीछे एयर चीफ मार्शल एपी सिंह राफेल उड़ा रहे थे, उन्होंने उड़ान भरी। 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : ANI
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंबाला में राफेल को उड़ाने वाली गोल्डन ऐरो ही वह स्क्वाड्रन थी जिसने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों में तबाही मचाई। गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन ने पाकिस्तानी सैन्य एयरबेस व महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे और दुश्मन के रक्षात्मक वायु शक्ति पर लंबे समय तक चलने वाले हमले किए। यह भारतीय वायु सेना में राफेल के शामिल होने के बाद पाकिस्तान के साथ पहला मुकाबला था।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर म्यूजियम में ऑपरेशन सिंदूर के लिए अलग से वॉल बनाई गई है। इसमें अंबाला के ऑपरेशन सिंदूर में योगदान को दर्शाया गया है। इसके साथ ही इस दीवार पर उन वीर जवानों के भी नाम हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में प्रमुख योगदान निभाया। 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ वायूसेना के अधिकारी - फोटो : ANI
ऑपरेशन सिंदूर में अपना शौर्य, साहस दिखाने पर अंबाला के वायु सेना स्टेशन को 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर 26 राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुए। इनमें दो वीर चक्र, एक युद्ध सेवा पदक, चार वायु सेना पदक और 19 मेंशन-इन-डिस्पैचेस शामिल हैं। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले का भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से करारा जवाब दिया था। यह ऑपरेशन भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के संयुक्त प्रयास का परिणाम था।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : ANI
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन बना फ्रंटलाइन
ऑपरेशन सिंदूर में अभी तक खुलासा नहीं हुआ था कि किस स्टेशन ने क्या भूमिका निभाई मगर म्यूजियम में मौजूद जानकारी से पता चलता है कि एयरफोर्स स्टेशन अंबाला ने इस ऑपरेशन में निर्णायक भूमिका निभाई थी। अत्याधुनिक राफेल और जगुआर विमानों के लिए एयरबेस ने एक फ्रंटलाइन बेस के रूप में कार्य किया। यह स्टेशन उन्नत मिसाइल प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों से लैस रहा।
 

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : ANI
राफेल ने दिखाया दम, गहरा प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर के शुरुआती चरण में अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल ने पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमले किए। ऐसा इसलिए संभव हो सका क्योंकि यह विमान उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों व हथियारों से लैस था। 7 विंग में एओसी एयर कमोडोर बी सतीश वीएम के नेतृत्व में गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन ने पाकिस्तानी सैन्य एयरबेस व अन्य ठिकानों पर हमले किए। यहां तक कि दुश्मन की रक्षा करने वाली वायु शक्ति पर लंबे समय तक प्रहार किया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ वायूसेना के अधिकारी - फोटो : ANI
सम्मान और शौर्य की पहचान बने वायु सेना के अफसर
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सम्मान पाने वालों में गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन से ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू, स्क्वाड्रन लीडर सार्थक कुमार को वीर चक्र से नवाजा गया। ग्रुप कैप्टन विकास वर्मा को युद्ध सेवा मेडल, ग्रुप कैप्टन दीपक चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कौस्तुभ नलबड़े, मिहिर विवेक चौधरी, अमन सिंह को वायु सेना मेडल, ग्रुप कैप्टन इंद्रजीत सिंह, विंग कमांडर एमआई संचिया, जुगल किशोर लोहानी, संदीप वालिया, सतेंद्र कुमार, एसएस अंबुरे, हरीन मुकेश जोशी, धन सिंह, स्क्वाड्रन लीडर ध्रुव त्रेहान, एसएस पांडे, एसवीएस सिद्धू, अमोल गर्ग, फ्लाइट लेफ्टिनेंट आशीष कुमार, अनुराग कुशवाह, अनीश सिंह सिसौदिया, राजेश प्रसाद गुप्ता, कृष्ण कुमार यादव, निलेश कुमार, पवन कुमार सिंह को मेंशन-इन-डिस्पैचेस से सम्मानित किया गया।
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जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया - फोटो : ANI
राफेल के अनुभव को एयर चीफ मार्शल के साथ किया साझा
राफेल से उड़ान भरने का अनुभव राष्ट्रपति के लिए पूरी तरह से नया था। यही कारण है कि उनके साथ दूसरे राफेल को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह खुद बतौर पायलट उड़ा रहे थे। राष्ट्रपति जब उड़ान भरने के लिए राफेल के करीब जा रहीं थी तो वह काफी उत्साहित दिखीं। चेहरे पर किसी प्रकार की चिंता नहीं दिखाई दी, इसके बाद जब वह उतरीं तो उनके आंखों में चमक और चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी। 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : ANI
उन्होंने एयर चीफ मार्शल से अपने राफेल की उड़ान के अनुभव को साझा किया। राष्ट्रपति के विमान को कमांडिंग ऑफिसर अमित उड़ा रहे थे। जब विमान उड़ान भरने के लिए रनवे पर जा रहा था तब पायलट ने उन्हें ब्रीफ भी किया। इसके बाद राष्ट्रपति ने कॉकपिट से हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन और देश की सबसे सशक्त नारी की उड़ान को गौरव का पल बनाया। 
 

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राष्ट्रपति मुर्मू ने राफेल में भरी उड़ान - फोटो : ANI
15 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी कमांडिंग ऑफिसर अमित उन्हें उड़ान से जुड़ी जानकारियां देते रहे। इसके बाद जब वह वापस आईं तो उन्होंने एयरफोर्स के अधिकारियों से राफेल की तकनीकों की जानकारी भी ली और विमान में लगे अत्याधुनिक प्रणालियों को जाना।

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अंबाला पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : ANI
पहले राफेल ने घुमाया पूरे रनवे पर फिर भरी उड़ान
राष्ट्रपति के राफेल में बैठने के बाद कमांडिंग ऑफिसर अमित ने राफेल को रनवे पर शुरुआत के 14 मिनट तक घुमाया। इसके बाद विमान से उड़ान शुरू की गई। कुछ ही सेकेंड में विमान आसमान की तरफ बढ़ते हुए गायब हो गया। उनके पीछे एयर चीफ मार्शल एपी सिंह राफेल उड़ा रहे थे, उन्होंने उड़ान भरी। दोनों ही विमान 30 मिनट में अपना सफर पूरा कर एक साथ लौट आए। इस पल को वायु सेना के अंबाला स्टेशन में तैनात अधिकारी भी देख रहे थे।

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द्रौपदी मुर्मू ने भरी उड़ान - फोटो : संवाद
राष्ट्रपति ने अंबाला में लगभग तीन घंटे का समय बिताया। वहीं अंबाला से विदा लेते समय राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल का गाड़ी से एक दौरा किया और सभी को नमस्कार कर अपने विमान से वापस चली गईं। अंबाला में इससे पहले पूर्व रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिश मिग- 21 लड़ाकू विमान को उड़ा चुके हैं। यह दूसरा मौका था जब अंबाला की धरती पर देश के सर्वोच्च पद पर आसीन किसी ने लड़ाकू विमान से उड़ान भरी हो।

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राफेल में राष्ट्रपति - फोटो : संवाद
परिवार के साथ पहुंचीं थीं राष्ट्रपति, राफेल से उड़ान के बाद धेवती से मिलाया हाथ
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर जहां एक तरफ वायु सेना की शौर्य और एक महिला राष्ट्रपति के साहस की हर कोई तारीफ कर रहा था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने परिवार के साथ इस पल का अनुभव करने पहुंचीं थीं। उनके साथ उनकी बेटियां व बेटियों की बच्चियां भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। राष्ट्रपति जब राफेल से उतरीं तो सबसे पहले उनकी धेवती अचानक से दौड़कर उनके पास रूमाल लेकर पहुंची।
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अंबाला एयरबेस से फाइटर प्लेन सूट पहन द्रौपदी मुर्मू ने भरी उड़ान - फोटो : संवाद
यह देखकर राष्ट्रपति का प्रेम भी उमड़ा और उन्होंने बच्ची से हाथ मिलाकर उसे दुलार किया। इस पल को वायु सेना के अधिकारी भी देख रहे थे। वहीं एयरबेस पर उतरने के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल विज राष्ट्रपति का स्वागत करने पहुंचे, इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बैठकर पूरे कार्यक्रम को देखा। इस दौरान पुलिस व प्रशासन के सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
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