अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मंच पर पहुंचे सीएम मनोहर लाल।
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जब सीएम ने सुनाई कविता
मैं व्यस्त हूं...
सामने पत्रों का ढेर लग जाता है, पढ़ पाता नहीं हूं क्योंकि व्यस्त हूं।
अखबारें ढेर सारी आ जाती हैं, सुर्खियां देख पाता हूं, पढ़ पाता नहीं, क्योंकि व्यस्त हूं,
परंतु यदि थोड़ा समय पा मैं देख लेता, अपने आपको आईने में
तब आता समझ में कि, मैं व्यस्त नहीं, अस्त-व्यस्त हूं।
सवा लाख से एक लड़ाऊं
मेधावी सम्मान समारोह में विद्यार्थियों के अंदर गजब का उत्साह दिखा। खासकर छात्र व छात्राएं सीएम मनोहर लाल से सम्मान पाने के लिए आगे रहें। कई छात्राएं मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने का आग्रह करती नजर आईं। यमुनानगर से छात्र सिमरन प्रीत सिंह जब सीएम से सम्मान लेने मंच पर पहुंचे। नजदीक आने पर सीएम छात्र से बोले, सवा लाख से एक लड़ाऊं। यह सुनकर छात्र व सीएम एक-दूसरे की तरफ देखकर मुस्कराने लगे।
मुख्यमंत्री बोले-आगे आकर बैठा जाओ, आज आप ही उपायुक्त
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र व छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए उनको आगे की सीटों पर बैठने का आग्रह किया। सभी मेधावी आगे आ गए। जब दो छात्राएं उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक के लिए आरक्षित खाली सीट पर आकर बैठी तो सीएम बोले, आज आप ही उपायुक्त हैं।
...इतने पैसे में तो ग्रिल ही पढ़ाऊंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसा प्रयास कर रही है कि शिक्षक पूरी तरह तनावमुक्त रहें। अब शिक्षकों के ऊपर तबादले की तलवार नहीं लटकती। क्योंकि अब वरिष्ठता के आधार पर तबादले होते हैं। तनाव में कौन क्या पढ़ा दे, कुछ कह नहीं सकते। एक चुटकुला सुनाते हुए सीएम ने कहा कि, एक मैडम स्कूल में छात्रों को पढ़ा रही थी। जीआरआईएल मतलब ग्रिल। तब जांच के लिए स्कूल में आए इंस्पेक्टर ने कहा कि मैडम जी जीआरआईएल से तो गर्ल बनता है। तब मैडम बोलीं, इतने पैसे में तो ग्रिल ही पढ़ाऊंगी। यह सुनकर सभी हंसने लगे। सीएम ने साफ कहा कि, यह किसी पर टिप्पणी नहीं, मात्र चुटकुला है।