दो हरियाणवियों ने ऋषभ पंत की जान बचाई। ये दोनों हरियाणा रोडवेज डिपो के चालक और परिचालक हैं। जो हादसे के दौरान हरिद्वार से पानीपत बस लेकर जा रहे थे। गाड़ी पलटती देख बस रोकी और ऋषभ पंत को मौके पर संभाला। चालक सुशील और परिचालक परमजीत ने बताया कि उन्होंने ऋषभ को गाड़ी से निकालकर फुटपाथ पर लेटा दिया।
वह उस दौरान बेसुध थे, लेकिन कुछ ही देर में उन्हें होश आ गया और उन्होंने पहले पानी मांगा और फिर कहा कि मेरी मम्मी से बात करा दो। चालक परमजीत ने जब नंबर लेकर उनकी मम्मी के फोन पर कॉल की तो उनका फोन स्वीच ऑफ आया। परमजीत के अनुसार इसपर ऋषभ ने कहा कि अभी मम्मी सो रही होंगी।
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ऋषभ पंत की मदद करने वाले चालक सुशील व परिचाल परमजीत को किया सम्मानित।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत रुड़की के पास शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। ऋषभ पंत की जान बचाने में मौके पर मदद करने वाले दो हरियाणवियों का खास योगदान रहा। जो हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे थे। हरियाणा रोडवेज के पानीपत डिपो के चालक सुशील व परिचालक परमजीत ने मौके पर समझदारी दिखाते हुए ऋषभ पंत की जान बचाई। उन्होंने ऋषभ को कार से बाहर निकाला और उसको अस्पताल में भिजवाया।
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ऋषभ पंत सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पानीपत डिपो की हरियाणा रोडवेज बस हरिद्वार से पानीपत जा रही थी। उनकी बस के सामने ही ऋषभ पंत की कार रेलिंग तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गई थी। कार ने बस के सामने तीन बार पलटी खाई। ऋषभ खिड़की से आधे बाहर लटक गए थे और खून से लथपथ हालत में थे। पानीपत रोडवेज जीएम कुलदीप जागड़ा ने चालक परिचालक क सम्मानित किया है।
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ड्राइवर-कंडक्टर को किया सम्मानित।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चालक सुशील कुमार ने बताया कि वो हरिद्वार से 4.25 बजे चले थे। वो 5.20 पर रुड़की के पास पहुंचे थे। उनकी बस से महज 100 मीटर दूर एक कार रेलिंग तोड़ते हुए उनकी लेन में आई। गाड़ी तीन बार पलटी। बस 100 मीटर दूर थी। सवारियां चिल्ला रही थी। तुरंत चालक साइड में बस को मोड़ दिया। दिल्ली साइड की रेलिंग तोड़ते हुए गाड़ी ने तीन पलटे खाए।
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Rishabh Pant
- फोटो : Amar Ujala
बस रोककर वो दोनों बस से नीचे कूदे। ऋषभ पंत कार से आधे बाहर लटक रहे थे। उन्होंने फुटपाथ पर ऋषभ को लेटा दिया। वो बेसुध थे। उन्होंने कार की जांच की। कार में आग लगना शुरू हो गई। इसी वक्त ऋषभ पंत को हल्का होश आया।
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ऋषभ पंत
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने ऋषभ पंत से पूछा कि कार में और तो कोई नहीं है। तो उन्होंने मना करते किया। फिर ऋषभ पंत ने पानी मांगा। उन्होंने पहले पानी देने से मना कर दिया था। क्योंकि उस वक्त पानी देना सही नहीं था। ऋषभ ने उनसे काफी रिक्वेस्ट की। फिर उन्होंने पानी दिया। ऋषभ ने उन्हें कहा कि एंबुलेंस को बुला दो। वह उस दौरान एंबुलेंस को कॉल कर रहे थे।
फिर ऋषभ ने कहा कि उसकी मम्मी से बात करवा दो। ऋषभ की मां का फोन स्विच ऑफ मिला। वो उसने दूसरी साइड ले गए। 15 मिनट के बाद एंबुलेंस आ गई। उन्होंने एंबुलेंस में उसे बैठा दिया। ऋषभ के पैसे सड़क पर ही बिखरे पड़े थे। उन्होंने सात- आठ हजार रुपये उठाकर ऋषभ के हाथ पर रख दिए। कार में एक अटैची थी। उन्होंने अटैची भी एंबुलेंस में डाल दी थी।