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World Population Day 2021: जानिए किस वजह से बढ़ी गोरखपुर की आबादी, चार दशक में 30 लाख से अधिक की हुई वृद्धि

Sun, 11 Jul 2021 03:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर शहर। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के आसपास और बिहार के जिलों के लोगों के तेजी से विस्थापित (माइग्रेट) होकर गोरखपुर में आकर बसने के कारण जिले की आबादी तेजी से बढ़ रही है। जनगणना रिपोर्ट के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले चार दशक में गोरखपुर जिले की आबादी में 30 लाख से अधिक की वृद्धि हुई है।

वर्ष 1981 की जनगणना में जहां गोरखपुर की आबादी 24.60 लाख थी वह अब बढ़कर करीब 51 लाख हो गई है। वर्ष 2021 की जनगणना अभी शुरू नहीं हो सकी है मगर सरकारी अनुमान के मुताबिक जनसंख्या में हर साल ढाई फीसदी की वृद्धि होती है। वर्ष 2011 में जिले की जनसंख्या 44.40 लाख थी जो अब अनुमान के मुताबिक करीब 51 लाख हो गई है। हालांकि 2.50 वृद्धि फीसदी का यह अनुमान सरकारी है। वास्तव में गोरखपुर की जनसंख्या अब बढ़कर करीब 55 लाख पहुंच गई है। अकेले शहर की ही आबादी करीब 15 लाख हो जाने का अनुमान है।  
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NER - फोटो : अमर उजाला
दरअसल मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में आसपास के जिलों और बिहार से सटे इलाकों की तुलना में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, सुरक्षा समेत हर क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं हैं। गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय होने के साथ ही देश के तकरीबन सभी स्थानों के लिए रेल सेवा उपलब्ध है। यहां एयरपोर्ट की भी सुविधा है तो एम्स, मेडिकल कॉलेज के साथ ही कई प्राइवेट अस्पताल में इलाज की बेहतर सुविधा भी है।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह शिक्षा की बात करें तो दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के साथ यहां तकनीकी यूनिवर्सिटी के तौर पर एमएमएमयूटी के अलावा कई प्राइवेट संस्थान भी हैं। यही वजह है कि गोरखपुर के आसपास के जिलों और बिहार से सटे जो लोग बेहतर सुविधाओं के अभाव में पहले लखनऊ, वाराणसी आदि जिलों की तरफ रुख करते थे वे अब गोरखपुर में ही आशियाना बनाना पसंद कर रहे हैं।  

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गोरखपुर शहर। - फोटो : अमर उजाला।
दिसंबर में जनगणना 2021 की शुरूआत होने की उम्मीद
कोरोना की पहली लहर ने जनगणना 2021 के कार्य पर जो ब्रेक लगाया वह अभी तक नहीं हट सका। एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह के मुताबिक अब दिसंबर में जनगणना 2021 की शुरूआत होने की उम्मीद है। पहले मकानों की गिनती होगी फिर व्यक्ति गिने जाएंगे। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि 2011 में जिले की जनगणना 44.40 लाख थी। हर साल जनगणना के आंकड़ों में ढाई फीसदी की वृद्धि मानी जाती है। उसी के मुताबिक सरकारी योजनाओं का विस्तार होता है।  
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गोरखपुर शहर। - फोटो : अमर उजाला।
इस तरह रही गोरखपुर की जनसंख्या
वर्ष कुल आबादी पुरुष महिला
1981 2460611 1260759 1199852
1991 3066002 1593355 1472647
2001 3769456 1923197 1846259
2011 4440895 2277777 2163118
2021 (अनुमानित आंकड़ा) 5145221 2639032 2506189
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