सिदार्थनगर में एक महिला ने बेटे और बेटी साथ नदी में कूदकर जान दे दी। महिला ने सास से विवाद के बाद आत्मघाती कदम उठाया है। तीनों के शव बूढ़ी राप्ती में उतराते मिले। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
घरों में सास और बहू के बीच कहासुनी और विवाद होना आम बात है, लेकिन सिद्धार्थनगर के कठेला समय माता थाना इलाके के औरहवा ग्राम पंचायत के बड़ुइया टोले की रहने वाली माया की सास से किस बात को लेकर ऐसा विवाद हुआ जो उसने बच्चों के साथ नदी कूदने जैसे कदम उठा लिया। इस बात ने सबको सोचने पर विवश कर दिया है।
लोगों के मुताबिक वह कब बच्चों को लेकर निकली और कब नदी पर जाकर छलांग लगा दी। यह किसी ने नहीं देखा। वहीं, विवाद के बाद सास ने भी ध्यान नहीं दिया कि बच्चे कहां गए और बहू कहां गई। नतीजा बहू के साथ पोती और पोते दोनों हमेशा के लिए उससे दूर हो गए। अगर उसने उन्हें ढूंढने की कोशिश की होती तो शायद यह घटना होने से बच जाती, और आज तीनों जीवित होते।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विवाद के बाद ढूंढने तक नहीं गई
वह कभी-कभार होने वाली कहासुनी को समझ रही थी। मौत की जानकारी के बाद सास बार-बार बेहोश हो जा रही है। घटना के बाद गांव के लोगों में चर्चा है कि तकरीबन तीन बजे के आसपास दोनों के बीच किसी बात को लेकर तकरार हो रही थी। उन दोनों के अलावा घर में कोई पुरुष नहीं है जो उन्हें समझाता।
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मौके पर पुलिस और अन्य लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विवाद होने के बाद दोनों इधर- उधर हो गईं। दोनों में गुस्सा था, लेकिन विवाद के बाद क्या हुआ, इसके बाद किसी को जानकारी नहीं लगी। अगर कहासुनी हुई थी तो बहू नहीं तो बच्चों को तो ढूंढना चाहिए था कि वह कहां हैं। अगर बच्चों को ढूंढा होता तो भी जानकारी मिल जाती और शायद घटना टल जाती।
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नदी से शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव से सटकर बहती है बूढ़ी राप्ती नदी
औरहवा ग्राम पंचायत के बड़ुइया बूढ़ी राप्ती से सटा है। ऐसे में यहां हमेशा डूबने का खतरा बना रहता है। यहां के लोगों को यह अहसास नहीं था कि माया नदी में कूदेगी। लेकिन शायद उस वक्त उसका क्रोध चरम पर था और उसे कुछ सूझ नहीं रहा था। नहीं तो वह जान देती तो अकेले ही जाती। उन मासूम सी जान को उस पर तरस नहीं आया कि जिन्हें उसने पाल रखा है। उन्हें कैसे मार सकती है। फिलहाल घटना के जो हालात बता रहे हैं, उससे प्रतीत हो रहा है कि उसे गहरा आघात लगा था।
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माया का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी माया
जोगिया थाना क्षेत्र के पिपरहवा निवासी मृतका के भाई अशोक कुमार चौहान ने बताया कि वह तीन भाई व दो बहन हैं। इसमें मृतका सबसे बड़ी थी। उसका कठेला समय माता थाना क्षेत्र के औरहवा ग्राम पंचायत के बडुइया टोले के सचिन से विवाह 27 अप्रैल 2017 को हुआ था। सचिन अपने पिता हृदयराम व छोटे भाई रघुनंदन के साथ हरियाणा के गुरुग्राम में छोले-भटूरे की दुकान चलाता है, और घर में माया दोनों बच्चों व सास के साथ रहती है।
भाई ने लगाया दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप, केस
माया के भाई अशोक कुमार चौहान ने कठेला समय माता थाने में तहरीर देकर ससुराल पक्ष पर दहेज मांगने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि दहेज के लिए बहन को अकसर प्रताड़ित किया जा रहा था। सास हमेशा झगड़ती थी। वहीं, पति सचिन, और ससुर हृदयराम भी दहेज के लिए परेशान करते थे। शुक्रवार को सास फूलमती के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद ही यह घटना हुई है। अशोक की तहरीर पर पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज कर लिया है।
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शिवांश का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर के कठेला समय माता थाना इलाके के बड़ुइया में बूढ़ी राप्ती नदी में एक महिला ने बेटी और बेटे के साथ कूदकर जान दे दी। शनिवार सुबह तीनों के शव उतराता हुए मिले तो लोग हैरान रह गए। दोनों बच्चे महिला की कमर में बंधे थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कमर में बांधकर महिला ने नदी में छलांग लगाई होगी।
इस घटना के पीछे गृह कलह बताया जा रहा है। क्योंकि, शुक्रवार शाम को सास से कहासुनी के बाद से वह घर से निकल गई थी। पुलिस ने लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। वहीं पुलिस ने महिला के भाई की तहरीर पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।