कोरोना वायरस कई वायरसों का एक समूह है, पशुओं में यह वायरस पाया जाना सामान्य है। इस वायरस को वैज्ञानिक जूनैटिक नाम से भी पुकारते हैं इसका अर्थ होता है पशुओं से मनुष्य में फैलने वाला वायरस। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से हवा में फैलता है।
संक्रमित व्यक्ति को छूने और हाथ मिलाने से भी यह वायरस दूसरे व्यक्ति को चपेट में ले लेता है। ऐसी सतह जिस पर वायरस हो उसे छूने के बाद यदि आप अपने मुंह, आंख या नाक को छूते हैं।
क्या हैं लक्षण
नाक बहना, सिर दर्द, खांसी, गले में खराश दर्द, बुखार, तबीयत ठीक नहीं लगना। बुजुर्ग बच्चों और ऐसे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है के लिए यह वायरस खतरनाक हो सकता है। इन लोगों को न्यूमोनिया और दमा भी हो सकता है।
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नेपाल बार्डर पर विदेश से आ रहे पर्यटकों की जांच करते डाक्टर।
- फोटो : amarujala
कैसे करें बचाव
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है। ऐसे में संक्रमण से बचाव किया जाना ही इस बीमारी से बचाव के उपाय है। अपने हाथ बार बार साबुन और पानी से धोएं।
बिना धुले हाथ से आंख, नाक और मुंह को न छुएं। बीमार लोगों से संपर्क करने से बचें। यदि आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हों तो ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें और घर पर रह कर आराम करें। यदि आप लक्षणों के कारण भयभीत हैं तो चिकित्सक से मिलकर राय लें।
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नेपाल बार्डर पर विदेश से आ रहे पर्यटकों की जांच करते डाक्टर।
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कोरोना वायरस: जरूरी न हो तो चीन की यात्रा फिलहाल टाल दें: सीएमओ
यदि आप हाल-फिलहाल चीन जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं तो फिलहाल उसे टाल दें या कम से कम 45 दिन आगे बढ़ा दें। खतरनाक कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने शहर वासियों को यह सलाह दी है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस पड़ोसी देश नेपाल से लेकर अमेरिका तक पहुंच चुका है।
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नेपाल बार्डर पर विदेश से आ रहे पर्यटकों की जांच करते डाक्टर।
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सीएमओ ने चीन के साथ ही हांगकांग, मकाऊ, ताइवान, थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और नेपाल की यात्रा में भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सीएमओ डॉ.श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोराना वायरस संक्रमण के लक्षण सामान्य फ्लू की तरह बुखार से शुरू होता है, कुछ मरीजों को सांस लेने में दिक्कत की समस्या भी होती है। यह वायरस कैसे फैलता है, यह अभी तय नहीं हो सका है लेकिन संक्रमित मनुष्य की सांस, छींक, खांसी के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित होता है।
नेपाल बार्डर पर विदेश से आ रहे पर्यटकों की जांच करते डाक्टर।
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फिर भी जाना जरूरी हो तो यह सावधानी बरतें
सीएमओ ने बताया कि यदि यात्रा टाली नहीं जा सकती तो सफाई का विशेष ध्यान रखें। यात्रा के दौरान पालतू पशुओं से दूरी बनाएं, कच्चा या अधपका मांस का सेवन न करें । चीन में फार्म हाउस, पशु बाजार या स्लॉटर हाउस जाने से बचें। अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क लगाकर ही बाहर निकलें और हाथ दिन में कई बार साबुन से धोएं।