अवैध असलहों के खिलाफ अभियान चला, तो कई बदमाश दबोचे गए, लेकिन पुलिस आपूर्ति करने वालों तक नहीं पहुंच पाई। जबकि अभियान का मकसद था तस्करों को दबोचना। हालांकि, पुलिस का दावा है कि तस्करों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जल्द ही तस्करों को भी दबोचा जाएगा। पुलिस का पहला तमंचा अभियान उद्देश्य में सफल नहीं हुआ, लेकिन नए साल में ऑपरेशन तमंचा-2 शुरू कर दिया गया। इसकी भी शुरुआत में सिर्फ असलहों के इस्तेमाल करने वाले ही दबोचे जा रहे हैं।