कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच लोग ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का शिकार हो रहे हैं। यह बीमारी प्रतिरोधक क्षमता कम होने वाले लोगों को होती है। कोविड और शुगर के मरीजों के लिए यह संक्रमण और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुनीता पटेल ने बताया कि इस बीमारी के बारे में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की ओर से एडवाइजरी जारी हुई है। इसके तहत ब्लैक फंगस संक्रमण शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। यह नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है।
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सुनीता पटेल
- फोटो : अमर उजाला।
इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली जाती है। वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है।
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सुनीता पटेल
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कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों को ज्यादा खतरा है। खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को शुगर है उन्हें सर्वाधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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ब्लैक फंगस
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यह संक्रमण सांस द्वारा नाक के जरिये व्यक्ति के अंदर चला जाता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनको यह जकड़ लेता है।