कोरोना वासरस से बचने के लिए पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन किया गया है। इस बीच गांव में गेहूं के खेतों की कटाई शुरू हो गई। कटाई के दौरान सोशल डिस्टेंस की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।
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गोरखपुर लॉकडाउन।
- फोटो : अमर उजाला।
जिस गांव में कंबाइन मशीन से खेतों की कटाई हो रही है, वहां मौके पर पर पचास से अधिक की संख्या में मजदूर वर्ग के लोग इकट्ठा हो गए हैं। उन्हें किसी भी नियम का कोई भी डर नहीं है और ना ही वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति है जो इन लोगों को समझा सके।
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गोरखपुर लॉकडाउन।
- फोटो : अमर उजाला।
खेत कटने के बाद बूढ़े-बच्चे एक साथ खेतों में छूटी बालियों को बीनने के लिए झुंड बना लिए हैं। यह नजारा ऐसा ही नजारा गोरखपुर सहित अन्य आसपास जिलों में दिखाई दे रहा है। प्रशासन भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।
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गोरखपुर लॉकडाउन।
- फोटो : अमर उजाला।
ऐसी स्थिति में यदि एक भी मजदूर या उसमें शामिल कोई भी बच्चा कोरोना संक्रमित हुआ तो उसके साथ जो भी लोग हैं, उससे प्रभावित होंगे। यह पूरे गांव को अपनी जद में ले सकता है।
खेतों में कटाई के दौरान प्रशासन को सख्त होना चाहिए कि सोशल डिस्टेंस का पालन हर हाल में होना चाहिए। ऐसे ना कर पाने की स्थिति में 21 दिनों का लॉकडाउन बेकार चला जाएगा।