बैलगाड़ी से बरात सजाकर सुर्खियों में रहे छोटेलाल बुधवार की शाम फिर चार बैलगाड़ियों के साथ दुल्हन की विदाई कराने पकड़ी बाजार के बरडीहादल गांव पहुंचे। दुल्हन की विदाई डोली में हुई। सजी डोली में सवार होकर सरिता पीहर को निकली तो उसे विदा करने महिलाएं गांव के सिवान तक गईं। बैलगाड़ी पर निकली बरात को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने अपने मोबाइल से दूल्हे और बैलगाड़ी के साथ इस पल को सेल्फी के माध्यम से कैद किया।
फिजूलखर्ची और पर्यावरण को संरक्षण देने का संदेश देने वाली इस शादी की चर्चा चारों ओर हो रही है। देवरिया जिले के कुसहरी गांव निवासी छोटे लाल पाल फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हैं। 11 बैलगाड़ियों से 32 किलोमीटर की यात्रा कर पालकी से ससुराल पहुंचे छोटे लाल ने अपनी शादी को यादगार बना दिया। चार दिन बाद दुल्हन की विदाई कराने भी चार बैलगाड़ियों के साथ वह ससुराल पहुंचे। दुल्हन को विदा कराने के लिए पालकी लेकर आए। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...