गोरखपुर जिले में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 177 नए मरीज मिले हैं। इनमें से कई लोगों की ट्रेवेल हिस्ट्री है। पिछले साल नौ अक्तूबर को 177 कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके सात महीने के बाद मंगलवार को भी इसी संख्या में मरीज मिले हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती शहर की रहने वाली 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि 177 मरीज मिलने के बाद जिले में संक्रमितों की संख्या 22424 तक पहुंच गई है। इनमें 21289 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। मौत का आंकड़ा 368 से बढ़कर 369 हो गया है। एक्टिव केस की स्थिति दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में 766 एक्टिव केस हैं। बताया कि शहरी थाना क्षेत्र में कुल 97 नए मरीज मिले हैं। सबसे अधिक शाहपुर में 34, कैंट 19, कोतवाली 17, गोरखनाथ 15, रामगढ़ताल आठ, तिवारीपुर और राजघाट में दो-दो मरीज मिले हैं।
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
ग्रामीण थाना क्षेत्र में 67 नए मरीज मिले हैं। इनमें चौरीचौरा, बेलघाट, पिपरौली, कौड़ीराम, गगहा, पाली में एक-एक, बांसगांव, सहजनवां, भटहट और कैंपियरगंज में दो-दो, सरदारनगर, बड़हलगंज में तीन-तीन, चरगांवा 14, खोराबार 18, गोला चार और उरुवा में पांच नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा 13 मरीज अलग-अलग थाना क्षेत्रों के हैं। सीएमओ ने कहा कि लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में लोग सतर्क रहें और सुरक्षित रहते हुए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
शहरी क्षेत्र में मिले छह दिनों में 360 मरीज
शहर में संक्रमण की रफ्तार ज्यादा तेज हैं। यही वजह है कि शहरी लोग कोरोना की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। पिछले छह दिनों के अंदर कुल 656 मरीज मिले हैं। इनमें अकेले 360 मरीज शहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। जबकि 296 मरीज ग्रामीण क्षेत्रों के रहने वाले हैं। विभाग का मानना है कि शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है।
हर विभागों में बनाई जाए कोविड हेल्प डेस्क
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए सभी विभागों में पुन कोविड हेल्प डेस्क बनाई जाए। इसकी सूचना सात अप्रैल तक दी जाए। कोविड हेल्प डेस्क के जरिये लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी दी जाए। इसमें लापरवाही होने पर कार्रवाई की भी बात उन्होंने कही।