उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार अब बेहद कम हो गई है। 60 दिनों के बाद संक्रमितों की संख्या 50 के आसपास आ गई है। शनिवार को केवल 53 नए मरीज मिले हैं। इससे पूर्व 31 मार्च को केवल 49 मरीज मिले थे। हालांकि मौत की संख्या नहीं थमी है। पिछले 24 घंटे के अंदर 13 मरीजों की मौत भी हुई है। इसमें सात गोरखपुर के शामिल हैं। हालांकि पोर्टल पर अपडेट न होने के कारण विभाग ने सिर्फ आठ मौतों की सूचना जारी की है। इसमें छह बीआरडी मेडिकल कॉलेज, एक रेलवे और एक निजी अस्पताल में हुई है। जबकि मेमो के अनुसार बीआरडी में 11 मौतें हुई हैं।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिले में संक्रमितों की संख्या 58836 हो गई है। 56257 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 669 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसी माह एक्टिव केस 10308 था। जो घटकर इस वक्त 1910 पर पहुंच गया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
मृतकों में गोरखपुर के खजनी की 48 वर्षीय महिला, सहजनवां का 56 वर्षीय पुरुष, झुंगिया बाजार का 60 वर्षीय बुजुर्ग, राप्तीनगर की 70 वर्षीय महिला और 60 वर्षीय पुरुष चौराचौरा का शामिल है। इसके अलावा जिले के ही 64 वर्षीय पुरुष और महिला की मौत रेलवे और निजी अस्पताल में हुई है।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
वहीं, बिहार के गोपालगंज का एक व्यक्ति, देवरिया की एक महिल और एक पुरुष, कुशीनगर के दो पुरुष और एक महिला की मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में हुई है। सीएमओ ने अपील की है कि लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए टीकाकरण जरूर कराएं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विश्व मोहन भाटिया
- फोटो : अमर उजाला।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विश्व मोहन भाटिया का कोरोना से निधन
गोरखपुर शहर के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विश्व मोहन भाटिया का शनिवार को कोरोना से निधन हो गया। उनका इलाज पिछले 20 दिनों से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। वह परिवार में पत्नी व दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी डॉ योगिता भाटिया स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ हैं। डॉ भाटिया ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज से वर्ष 1991 में एमबीबीएस की पढ़ाई की। पढ़ाई के दिनों से ही वह कॉलेज के शिक्षक रहे। पूर्व एमएलसी डॉ वाईडी सिंह के करीबी बन गए। इसके बाग गुरू व शिष्य का साथ नहीं छूटा। सरल स्वभाव व मृदुभाषी होने के कारण सहपाठियों में वह बेहद लोकप्रिय रहे। लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज से उन्होंने पीडियार्टिक में पीजी किया था। वह मूल रुप से गोला थाना क्षेत्र के ग्राम जानीपुर के रहने वाले थे। उनके पिता पूर्व प्रधानाचार्य रामनवल भाटिया थे।
बताया जा रहा है कि डॉ भाटिया को अप्रैल के अंतिम सप्ताह में संक्रमण के लक्षण मिले थे। उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर 20 दिन पूर्व लखनऊ के मेदांता में भर्ती कराया गया था। इसके बाद भी उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही चिकित्सकों में शोक की लहर दौड़ गई।