दीपावली महापर्व इस वर्ष छह दिनों का होगा। ऐसा 25 अक्तूबर को लगने वाले सूर्यग्रहण के कारण हुआ है। महापर्व की शुरुआत शनिवार 22 अक्तूबर को धनतेरस से होगी। नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली) रविवार 23 अक्तूबर, दीपावली सोमवार 24 अक्तूबर, अन्नकूट व गोवर्धन पूजा बुधवार 26 अक्तूबर और भैयादूज और चित्रगुप्त पूजा बृहस्पतिवार 27 अक्तूबर के साथ महापर्व का समापन होगा।
धनतेरस
धनतेरस 22 अक्तूबर को है। इस दिन द्वादशी तिथि का मान शाम चार बजकर 33 मिनट तक पश्चात त्रयोदशी तिथि है। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर एक बजकर 29 तक, पश्चात उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग शाम पांच बजकर 50 मिनट तक, इसके बाद इंद्र योग है, जो अत्यंत शुभकारी है। चंद्रमा की स्थिति सिंह राशिगत है। प्रदोष काल में ( सूर्यास्त के समय) में त्रयोदशी होने से धनतेरस और धन्वंतरि जयंती का पर्व इसी दिन मान्य रहेगा। लेकिन, धनतेरस की खरीदारी 23 अक्तूबर को शाम चार बजकर एक मिनट तक की जा सकती है।
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस दिन धन्वंतरि जयंती भी मनाई जाती है। धन के स्वामी कुबेर की पूजा होती है। इस दिन धातु के बने बर्तनों को खरीदना आगामी वर्ष के लिए समृद्धि दायक माना जाता है। धनतेरस के दिन शाम को यम के निमित्त दीपदान होता है। ऐसा करने से आने वाले वर्ष में घर में अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है।