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Omicron: कोरोना का स्तर जानने के लिए दोबारा लिया किशोर का नमूना, जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजा जाएगा सैंपल

Sun, 05 Dec 2021 06:42 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सोमवार को जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए भेजा जाएगा सैंपल, दोनों संदिग्धों की रिपोर्ट आई निगेटिव, बीआरडी प्रशासन ने ली राहत की सांस
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित किशोर का नमूना शनिवार को दोबारा लिया गया। इससे संक्रमण का स्तर (सीटी वैल्यू) जांचा जाएगा। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में रविवार को सीटी वैल्यू की जांच होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर जीनोम सीक्वेसिंग के लिए नमूना सोमवार को भेजा जाएगा।
 
जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 300 बेड के कोविड वार्ड में देवरिया निवासी एक किशोर (15) भर्ती है। वह एचआईवी पॉजिटिव भी है। किशोर बीआरडी के एचआईवी जांच सेंटर (एआरटी) में रूटीन जांच के लिए आया था। लक्षण दिखने पर मेडिसिन के डॉक्टरों ने कोविड जांच की सलाह दी।

 
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आरटीपीसीआर जांच की। - फोटो : अमर उजाला।
आरटीपीसीआर जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया। माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि शनिवार को किशोर का दूसरी बार नमूना लिया गया है। नमूना लेकर सीटी वैल्यू की जांच की जाएगी, क्योंकि वह एचआईवी पॉजिटिव है। इसके जरिए पता लगाया जाएगा कि मौजूदा समय में संक्रमण की दर शरीर में कितनी है, वायरस का असर बढ़ रहा है या कम हो रहा है। उसी आधार पर जीनोम सीक्वेसिंग के लिए नमूना भेजा जाएगा।

 
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कोरोना का टेस्ट - फोटो : pti

दोनों मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई

किशोर के साथ देवरिया के रहने वाले दो और लोग मेडिसिन वार्ड में इलाज के लिए पहुंचे थे। लक्षण दिखने पर दोनों को कोविड वार्ड भर्ती किया गया था। उन्हें ऐसे बेड पर रखा गया था, जहां वह निगेटिव होने की दशा में संक्रमण से बच सकें। दोनों मरीजों की रिपोर्ट शनिवार को निगेटिव आई है। दोनों को जरूरी दवाएं देकर घर भेज दिया गया है।

 

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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : social media

किशोर की मां भी है एचआईवी पॉजिटिव, लिया गया सैंपल

कॉलेज प्रशासन की ओर से एचआईवी पीड़ित किशोर से बात की गई तो पता चला कि उसकी मां भी एचआईवी संक्रमित हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में उनका इलाज भी चल रहा है। किशोर अपनी मां के साथ इलाज के लिए आया था। एहतियात के तौर पर उसकी मां का भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। बताया जाता है कि दोनों की ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है।

 
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कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala

25 से कम सीटी वैल्यू के मरीजों को खतरा ज्यादा

विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि जिन मरीजों की सीटी वैल्यू 25 से कम होती है, उनके शरीर पर संक्रमण का असर ज्यादा होता है। पहली और दूसरी लहर में जिन मरीजों की मौत हुई, उनमें 95 प्रतिशत मरीजों की सीटी वैल्यू 25 से कम थी। सीटी वैल्यू कम होने पर फेफड़े पर संक्रमण का असर अधिक होता है।  

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि किशोर की हालत ठीक है। उसका इलाज चल रहा है। जीनोम सीक्वेसिंग के लिए नमूना सोमवार को भेजा जाएगा। देवरिया के सीएमओ को मरीज के बारे में जानकारी दे दी गई है। दो और मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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