फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lockdown 3.0: घर भेजे गए ‘बाहर’ से आए लोग, अब ये खास विभाग ऐसे करेगी निगरानी

Sat, 09 May 2020 08:49 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
दूसरे प्रांतों-शहरों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के साथ ही क्वारंटीन सेंटर में रखे गए सभी लोगों को अब उनके घरों में ही क्वारंटीन किया जा रहा है। ऐसे में सभी लोग होम क्वारंटीन के प्रोटोकॉल का पालन कर रहे या नहीं, इसकी निगरानी के लिए मंडल के चारों जिलों में 5101 सर्विलांस कमेटी बनाई गई है।
विज्ञापन

2 of 5
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
इनमें 4513 कमेटी ग्रामीण और 588 कमेटी शहरी क्षेत्र के लिए गठित की गई है। कमेटी को रोजाना जिले स्तर पर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी, वहां से वह रिपोर्ट कमिश्नर जयंत नार्लिकर के पास आएगी। कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि कमेटी होम क्वारंटीन किए गए लोगों पर उनके क्वारंटीन पीरियड पूरा होने तक नजर रखेगी।
विज्ञापन

3 of 5
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
कमिश्नर ने बताया कि बीच-बीच में उन्हें कोरोना से लड़ने के टिप्स भी बताएगी। होम क्वारंटीन किया गया व्यक्ति, अगर प्रोटोकॉल तोड़ता है तो कमेटी इसकी सूचना संबंधित थाने को देगी जिसके बाद संबंधित पर कार्रवाई भी की जाएगी।

4 of 5
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
शासन के निर्देश पर दूसरे प्रांतों से आए लोगों को अब होम क्वारंटीन किया जा रहा है । लोगों में जागरूकता और क्वारंटीन प्रोटोकॉल का पालन हो सके , इसलिए संबंधित के घर के बाहर क्वारंटीन संबंधी पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर के डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि अब उन्हें ही क्वारंटीन सेंटर पर रखा जाएगा जिनमे कोरोना से संक्रमण के लक्षण दिखाई पड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
खाली होने लगे तहसीलों में बने बड़े क्वारंटीन सेंटर
लॉकडाउन शुरू होने पर जिले में पहले सभी पंचायतों के प्राथमिक विद्यालयों या सामुदायिक भवनों में क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। इसके बाद बदली व्यवस्था में नए सिरे से सभी तहसीलों के इंटर कॉलेज को चिह्नित कर 152 बड़े क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। अब इन सेंटरों को छोड़कर बाकी सभी सेंटर खत्म कर दिए गए हैं। तहसीलों में बने बड़े क्वारंटीन सेंटर भी अब खाली होने लगे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें