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Gorakhpur Mahotsav 2023: सर्द रात में कैलाश और अमन के गीतों ने लाई गर्मी, तस्वीरों में देखें एक झलक

Thu, 12 Jan 2023 04:41 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर महोत्सव के बॉलीवुड नाइट में सूफी गायक कैलाश खेर और बॉलीवुड गायक अमन त्रिखा ने अपनी प्रस्तुतियों से सर्द रात में गर्मी ला दी। दोनों गायकों ने एक के बाद एक हिट गीतों को सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया। सर्द रात में भी देर रात तक श्रोता पंडाल में जमे रहे और गीतों का लुत्फ उठाते रहे। कैलाश खेर ने अपने सुरों से मंच को सजाने की शुरुआत मशहूर गीत ‘जाना जोगी नाल दे’ सुनाकर की। इसके बाद ‘मोहे पिया के संग रंग दिन्ही’ सुनाकर पहले जोश बढ़ाया और फिर ‘प्रीति की लत मोहे ऐसे लागी’ पर तान छेड़कर लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया।

 
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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
‘तेरे नाम से जी लूं मैं तेरे नाम से मर जाऊं’ गीत सुनाकर उन्होंने गीतों का सिलसिला आगे बढ़ाया तो उनके सुर का जादू श्रोताओं के सिर चढ़कर बोलने लगा। बाहुबली फिल्म के गीत ‘जैजै जयकारा’ से उन्होंने इस क्रम को जारी रखा। चक दे इंडिया का गीत ‘चक लेन दे’ सुनाते हुए उन्होंने कुछ युवतियों को मंच पर बुलाया और कार्यक्रम को समापन की ओर पहुंचाया। युवा कैलाश के गीतों को गुनगुनाते हुए घर लौटे।

सिर मुंडा लूं तो लगूंगा सीएम योगी का भाई : कैलाश
 गोरखपुर महोत्सव में प्रस्तुति देने पहुंचे गायक कैलाश खेर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मुझे लोग सीएम योगी के भाई जैसा कहते हैं। अगर मैं सिर मुंडा लूं तो सच में ऐसे ही लगूंगा। सीएम योगी भी इस बात को मानते हैं और कहते हैं कि अगर तुम एक्टिंग करना तो मेरा रोल तुम करना। 

सूफी गायक कैलाश खेर ने कहा कि वह गोरखपुर आकर बेहद आनंदित हो रहे हैं। कहा, इसके पहले भी मैंने कोशिश की थी और आयोजन मंडल ने मुझे बुलाया था पर कुछ कारणों से नहीं आ सके थे। आज मैं यहां आकर बहुत खुश हूं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से तरक्की कर रहा है।
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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
अमन के गीतों ने युवाओं में भरा जोश
कैलाश खेर से पहले जब अमन त्रिखा मंच पर पहुंचे उन्होंने अपने पहले गीत से रंग जमा दिया। ‘देवा श्रीगणेशा’ उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद ‘गणपति बप्पा मोरया’ का जयकारा लगवाकर उन्होंने श्रोताओं के जोश को चरम पर पहुंचा दिया। ‘केसरिया तेरा इश्क है पिया’ गीत से उन्होंने माहौल को रूमानी बनाया और ‘तेरे बिन अब न लेंगे एक भी दम’ से इस सिलसिले को आगे बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने ‘गोविंदा आला रे’ गीत गाकर जब वह मंच पर झूमे तो वहां मौजूद सभी लोग अपने स्थान पर खड़े-खड़े ही झूमने लगे। अंत में भोजपुरी गीत ‘लालीपाप लागेलू’ सुनाकर अमन गोरखपुरवासियों का दिल जीत गए।
 

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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
लगल बा खिचड़ी के मेला, बलम मेला दिखाई दा
महोत्सव के अंतर्गत स्थानीय कलाकारों को समर्पित ‘सबरंग’ कार्यक्रम में कलाकारों ने लोकगीत, नृत्य, गजल और बॉलीवुड गीतों पर नृत्य कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शुरूआत लोकगीत गायिका हृदया त्रिपाठी ने ‘..अब लौट भी आओ पिया’ गीत के साथ की। इसके बाद ‘लगल बा खिचड़ी के मेला, बलम मेला दिखाई दा’ लोकगीत के माध्यम से समा बांध दिया। कक्षा पांचवी के छात्र संस्कार ने बॉलीवुड गीतों को हिंदी, बांग्ला, संस्कृत, इटैलियन और भोजपुरी में गाकर सभी को अचंभित किया। शगुन श्रीवास्तव ने ...हीरे मोती मैं ना चाहूं, और दमा दम मस्त कलंदर गीत प्रस्तुत किया।

मनीषा सिंह ने राजस्थानी नृत्य और मोहिनी ने ‘मीरा दीवानी है कन्हैया की% गीत प्रस्तुत किया। विंध्यांचल आजाद ने फरूआही नृत्य, संदीप पांडेय ने नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. मनोज गौतम, लोकगायक राकेश श्रीवास्तव, हरि प्रकाश सिंह आदि ने अहम भूमिका निभाई।
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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
बाल कहानियों के अनूठे संग्रह से समृद्ध है पुस्तक प्रदर्शनी
पुस्तक प्रदर्शनी में बाल साहित्य आकर्षण का केंद्र हैं। निखिल प्रकाशन, आगरा के प्रोपराइटर मोहन रवि शर्मा ने बताया कि उनके स्टॉल पर नेपाली लड़का, मिट्ठू चाय, एक फुट के मजनूमियां, दादा जी का मौन व्रत, सरदार की बेटी, बंदर मामा पहने चश्मा, ढोल बजाता हाथी आया, सरदार की बेटी सरीखी कहानियां बच्चों को लुभाएंगी। उनके स्टाल पर ‘साहित्यकारों की भूलें’ शीर्षक किताब भी उपलब्ध है। एक अन्य स्टॉल पर वेदों पर लिखी गईं 11 संहिताओं का संकलन उपलब्ध है। साढे़ नौ किलो की यह किताब 6500 रुपये में उपलब्ध है।

नाटक ‘बिस्मिल ’का मंचन
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में स्थानीय कलाकारों ने नाटक ‘बिस्मिल’ का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से देश के लिए पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के बलिदान को कलाकारों ने दिखाया। नाटक का लेखन एवं निर्देशन अजीत प्रताप सिंह ने किया। प्रस्तुतकर्ता रीना जायसवाल थीं।

 
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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
नुक्कड़ नाटक से किया जागरूक
महोत्सव के शुभारंभ के बाद आयोजित कार्यक्रमों के क्रम में नाट्य दल गोरखपुर की टीम ने नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। सरकारी योजनाओं पर आधारित नाटक के माध्यम से कलाकारों ने लोगों को जागरूक किया। वहीं, यूथ पॉवर एसोसिएशन की ओर से शिव प्रसाद शुक्ल के मार्गदर्शन में आयोजित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

तीन दिवसीय फिल्मोत्सव का आयोजन
गोरखपुर महोत्सव के अतर्गत पहली बार इको टूरिज्म की थीम पर फिल्म फॉर ह्यूमैनिटी श्रृंखला के तीन दिवसीय फिल्मोत्सव का आयोजन हो रहा है। योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम के उद्घाटन पर सांसद व फिल्म अभिनेता रवि किशन शुक्ला, मुख्य वन संरक्षक डॉ. भीमसेन, डॉ. अनिता अग्रवाल, डीएफओ विकास यादव आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। पहले दिन माइक हरिगोविंद पांडेय द्वारा निर्देशित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लुकिंग फॉर सुलतान, गंगा द स्काई प्रदर्शित की जाएगी।

 
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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
बांस के उत्पाद और डॉक टिकट खींच रहे ध्यान
गोरखपुर वन प्रभाग एवं हेरिटेज फाउंडेशन के स्टॉल पर वन्यजीव एवं जंगल में सुरक्षा के संबंधित उपकरण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। डाक टिकट संग्रहकर्ता अश्वनी दुबे का वाइल्ड लाइफ एवं पक्षियों पर आधारित डाक टिकट का संग्रह एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर अनुपम अग्रवाल की वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफ को भी सराहना मिल रही है।

मॉडलों में दिखी आधुनिक भारत की तस्वीर
विज्ञान एवं प्रौद्यागिकी परिषद की ओर से गोरखपुर महोत्सव में विज्ञान प्रदर्शन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय थे। प्रदर्शनी में पहले दिन 300 मॉडल लगाए गए। जिसमें, रोबोट तकनीक, सेंसर तकनीक, स्मार्ट गॉव, लाई-फाई तकनीक, सेंसर ब्रिज, सेंसर सूज, सेन्सर हेलमेट, सेंसर ग्लब्स, सेंसर पुलिस के डंडे, विज्ञान पर आधारित जादू, सचल नक्षत्रशाला आकर्षण का केंद्र रहे। क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने नवन्वेषकों और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।



 

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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
आम के एक पेड़ के फलों से चार प्रजाति का स्वाद
उद्यान विभाग के स्टॉल पर प्रगतिशील किसान सहजनवां तहसील के बवंडरा गांव निवासी सत्यप्रकाश सिंह लोगों का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं। उनका दावा है कि गमले में लगे आम के एक पौधे से मिलने वाले फलों से दशहरी, गौरजीत, कपूरी और अम्रपाली का अलग-अलग स्वाद मिलेगा। कहा कि गमलों में फल व सब्जी की खेती आसानी से की जा सकती है।

 

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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
पशुओं के लिए चाकलेट आकर्षण का केंद्र
कृषि एवं पशुपालन विभाग के स्टॉल पर रखा 15 किलोग्राम का कद्दू और पशुओं के लिए चाकलेट आकर्षण का केंद्र हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार के वैज्ञानिक एसके तोमर ने बताया कि स्टॉल पर गेहूं, धान समेत अन्य की नवीनतम प्रजातियों को किसानों के अवलोकन के लिए रखा गया है आने वाले वर्षों में इनको किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। आम, अमरूद एवं लीची की बेहतर प्रजातियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। गन्ना विकास संस्थान की तरफ से भी प्रदर्शनी लगाई गई। खजनी के विधायक श्रीराम चौहान ने इसका अवलोकन किया। गन्ना विकास संस्थान के ओमप्रकाश गुप्ता मौजूद थे।

 
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गोरखपुर महोत्सव। - फोटो : अमर उजाला।
कानून के ज्ञान के लिए दी गईं निशुल्क पुस्तकें
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में बुधवार को गोरखपुर महोत्सव में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। उद्घाटन जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने किया। अपर जनपद न्यायाधीश/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामकृपाल ने बताया कि लोगों में कानून के ज्ञान के लिए निशुल्क पुस्तकें व हैंडबिल का वितरण किया गया।
 
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