गोरखपुर महोत्सव।
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लगल बा खिचड़ी के मेला, बलम मेला दिखाई दा
महोत्सव के अंतर्गत स्थानीय कलाकारों को समर्पित ‘सबरंग’ कार्यक्रम में कलाकारों ने लोकगीत, नृत्य, गजल और बॉलीवुड गीतों पर नृत्य कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शुरूआत लोकगीत गायिका हृदया त्रिपाठी ने ‘..अब लौट भी आओ पिया’ गीत के साथ की। इसके बाद ‘लगल बा खिचड़ी के मेला, बलम मेला दिखाई दा’ लोकगीत के माध्यम से समा बांध दिया। कक्षा पांचवी के छात्र संस्कार ने बॉलीवुड गीतों को हिंदी, बांग्ला, संस्कृत, इटैलियन और भोजपुरी में गाकर सभी को अचंभित किया। शगुन श्रीवास्तव ने ...हीरे मोती मैं ना चाहूं, और दमा दम मस्त कलंदर गीत प्रस्तुत किया।
मनीषा सिंह ने राजस्थानी नृत्य और मोहिनी ने ‘मीरा दीवानी है कन्हैया की% गीत प्रस्तुत किया। विंध्यांचल आजाद ने फरूआही नृत्य, संदीप पांडेय ने नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. मनोज गौतम, लोकगायक राकेश श्रीवास्तव, हरि प्रकाश सिंह आदि ने अहम भूमिका निभाई।