उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गीता प्रेस की स्थापना आमजन को आसानी से श्रीमद्भागवत गीता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुई थी। समय के साथ यहां से प्रकाशित होने वाली धार्मिक पुस्तकों का दायरा बढ़ता गया। गीता प्रेस से प्रकाशित पुस्तकों में श्रीमद्भागवत गीता के बाद सबसे अधिक रामचरितमानस का प्रकाशन हुआ है। अब तक यहां से रामचरितमानस की लगभग चार करोड़ प्रतियां प्रकाशित हुई हैं।