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- फोटो : अमर उजाला।
जन्मदिन पर मिली थी पहली चेस
सात साल की उम्र में उनके जन्मदिन पर पहली बार शिवात्मक को किसी दोस्त ने शतरंज गिफ्ट दिया था। सभी के वहां से जाने के बाद जब एक- एक कर शिवात्मक ने गिफ्ट खोलना शुरू किया तो पहली बार उन्होंने चेस को देखा। सभी तोहफे तो उनकी समझ में आ जाए, मगर बोर्ड पर घोड़े, ऊंट और हाथी का क्या काम है ये वो समझ न सके। पिता ने बेटे की दुविधा का निदान किया। उन्हें चेस खेलना सिखाया, थोड़े पारंगत हुए तो कोच ने खेल को निखारा।