जांच में बड़ा सुराग तब मिला जब 15 सितंबर की रात ग्रामीणों के हत्थे चढ़े तस्कर अजब हुसैन के पास से पुलिस को मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच में गिरोह के तार बिहार, कुशीनगर और गोरखपुर के कई इलाकों से जुड़े मिले।
पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूसड़ में नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता हत्याकांड में पुलिस की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर ली है और जल्द ही पशु तस्करों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
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Gorakhpur Student murder
- फोटो : अमर उजाला
यह वही मामला है जिसने पूरे गोरखपुर-बिहार सीमा क्षेत्र में पशु तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। एटीएफ ने अपनी चार्जशीट में बिहार के गोपालगंज निवासी मन्नू सेठ समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया है।
इसमें दो को मुख्य साजिशकर्ता अपहरण कर हत्या समेत अन्य धारा के तहत और चार को साजिशकर्ता के रूप में चार्जशीट में शामिल किया है।
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gorakhpur student murder
- फोटो : अमर उजाला
आरोप पत्र में ग्रामीणों के हत्थे चढ़े तस्कर अजब हुसैन के पास से बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और बयानों को महत्वपूर्ण साक्ष्य बनाया है।
वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं। पिछले माह 15 सितंबर को पशु तस्करों ने जंगल धूसड़ के महुआचाफी गांव निवासी नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता की हत्या कर दी थी।
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गोरखपुर छात्र हत्याकांड
- फोटो : Self
गुस्साए ग्रामीणों ने तस्करों की एक गाड़ी फूंकते हुए बिहार निवासी एक तस्कर अजब हुसैन को दबोच लिया था। पुलिस टीम जब तस्कर को अपने गिरफ्त में लेने गई तो ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था।
इसमें एसपी नार्थ समेत सात पुलिस कर्मी घायल हुए थे। 19 सितंबर को शासन ने यह मामला एसटीएफ को जांच के लिए सौंपा दिया था।
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दीपक गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसटीएफ की जांच में पाया गया कि छात्र की मौत के पीछे सक्रिय पशु तस्करों का संगठित गिरोह था, जो उस रात अवैध रूप से पिकअप में मवेशियों को लादकर बिहार ले जा रहा था।
ग्रामीणों की ओर से घेराबंदी के दौरान फायरिंग हुई, जिसमें दीपक की मौत हो गई थी।
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ग्रामीणों ने एक तस्कर को बंधन बनाया था
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच में बड़ा सुराग तब मिला जब 15 सितंबर की रात ग्रामीणों के हत्थे चढ़े तस्कर अजब हुसैन के पास से पुलिस को मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच में गिरोह के तार बिहार, कुशीनगर और गोरखपुर के कई इलाकों से जुड़े मिले।
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हंगामे के बाद गाड़ी जला दी गई थी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन जानकारियों के आधार पर एसटीएफ ने गिरोह की परतें खोलीं और अब तक पांच तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसटीएफ अब पूरे मामले में जेल भेजे गए आरोपियों के खिलाफ मजबूत सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने जांच में यह पाया कि दीपक गुप्ता की मौत महज एक हादसा नहीं, बल्कि अवैध पशु तस्करी के दौरान अपराधियों की लापरवाही और हिंसक प्रतिरोध का नतीजा थी। एसटीएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट और हत्या में शामिल होने पर्याप्त साक्ष्य जुटा लिए गए हैं।