विहिप का राममंदिर का मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
रामलला वाहिनी संयोजक शंकर जोशी ने कहा कि उधर, शहर में यह खबर फैल चुकी थी, माहौल तनावपूर्ण होने लगा। धीरे-धीरे रामभक्तों का जमावड़ा होने लगा तो पुलिस ने बच्चों और अभिभावकों को बस में बैठाकर बेलीपार थाना भेज दिया। भूखे-प्यासे बच्चे दोपहर दो बजे बेलीपार पहुंचे। वहां मजिस्ट्रेट के सामने बच्चों को पेश किया गया, तो मजिस्ट्रेट ने बच्चों की गिरफ्तारी पर क्षोभ प्रकट किया और तत्काल गोरखपुर ले जाने का आदेश दिया। शाम पांच बजे सभी लोग इंदिरा बाल विहार पहुंचे, तब तक शहर में कर्फ्यू लग चुका था। यह मेरे और बच्चों के लिए अविस्मरणीय दिन था। राममंदिर आंदोलन में अपनी भूमिका निभाने वाले बच्चे रितु, श्रद्धा, चुन्नू, अतुल, प्रीति, राधा, रोहितशरण, ज्योति, राहुल, गोपाल गर्व से उस पल को याद करते हैं।