खगोलीय घटनाओं के शौकीन लोगों के लिए अक्तूबर का महीना बेहद खास होने वाला है। जब उन्हें आसमान में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान यानी 76 वर्ष बाद घटित होने वाली दुर्लभ खगोलीय घटना को देखने का मौका मिलेगा। इस घटना के दौरान चांद की खूबसूरती आम दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। विज्ञान की भाषा में इसे नीले चांद (ब्लू मून) का नाम दिया है। अमूमन कुछ दशकों के अंतराल पर यह खगोलीय घटना होती है। मगर वर्ष 1944 के बाद अब पहली बार इसे साउथ अमेरिका, भारत, यूरोप, एशिया समेत पूरे विश्व से देखा जा सकेगा।