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यहां सालों से 'मोदी' कर रहे हैं लोगों का इलाज, बिना दवा के लोगों को बनाते हैं निरोग

Fri, 21 Aug 2020 10:13 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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आरोग्य मंदिर में छह एकड़ में डॉ. विमल कुमार मोदी ने तैयार किया है सुंदर गार्डन। - फोटो : अमर उजाला।
प्राकृतिक चिकित्सा के लिए गोरखपुर जिले के विख्यात आरोग्य मंदिर में मिट्टी, पानी, धूप और हवा से लोगों का इलाज किया जाता है। लोग प्रकृति के बीच रहकर निरोगी काया हासिल कर सकें, इसके लिए छह एकड़ में सुंदर गार्डन तैयार किया गया है। इसमें एक तरफ लगे पांच बॉटल पाम लोगों को काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार को त्यागने का संदेश देते हैं। दूसरी तरफ लगे पांच बॉटल पाम प्रकृति के पांच मूल तत्वों क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर के संरक्षण का संदेश देते हैं। गार्डन के बीचोंबीच लगे अशोक के 18 पेड़ गीता के 18 अध्यायों की याद दिलाकर मानव जाति के कल्याण की अलख जगाते हैं।
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वर्ष 1960 में की गई थी आरोग्य मंदिर की स्थापना। - फोटो : अमर उजाला।
डॉ. विमल कुमार मोदी की निगरानी में 40 वर्षों से गार्डन की छवि दिनोंदिन निखरती जा रही है। अमर उजाला से बातचीत में डॉ. मोदी ने बताया कि आरोग्य मंदिर की स्थापना वर्ष 1960 में उनके पिता द्वारा की गई थी। इसके बाद से ही पूरे परिसर को हरा भरा रखने की कवायद शुरू हुई।
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40 वर्षों से दिनोंदिन निखरती जा रही है गार्डन की छवि। - फोटो : अमर उजाला।
वर्ष-1980 में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे आरोग्य मंदिर से जुड़े। आज उनके गार्डन में तुलसी, जरांकुश, एलोवेरा, गिलोय, हिस्टीबिय, आम, लीची, बेल, चीकू, शरीफा, अमरूद, गुड़हल, कामिनी, चांदनी, बेली, गुलाब, टिकोमा, कचनार, पेनटास, रातरानी, कनेर, सागौन, बॉटल पाम, रबर प्लांट, अशोक, अमलताश, गुल मोहर, बॉटल ब्रश, नी, क्रोटन, फिश पॉम, चाइना पाम, अरेका पाम, रोजिया, मोर पंखी, साईकस, मनी प्लांट, कुचिया, फाक्स, लोनिला आदि प्रजाति के पेड़-पौधे हैं।

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डॉ. मणी रंजन सिन्हा व रंजना सिन्हा। - फोटो : अमर उजाला।
रंजना ने बालकनी को ही बना डाला गार्डन
जजेज कंपाउंड में पति डॉ. मणी रंजन सिन्हा के साथ रहने वाली रंजना सिन्हा 70 साल की उम्र में भी गार्डेनिंग कर रहीं हैं। प्रधानाचार्य पद से रिटायर रंजना ने बताया कि उन्हें बागवानी का शौक बचपन से है। गोरखपुर आने से पहले वह जहां भी किराए के मकान में रही वहीं अपने शौक से नाता बनाए रखा। ज्यादा जगह नहीं मिलती तो गमलों में पौधों को संग्रहित करने का सिलसिला शुरू किया।
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पौधों के खूबसूरत कलेक्शन। - फोटो : अमर उजाला।
आज घर के अंदर 100 स्क्वायर फीट एरिया में स्टैंड लगाकर 200 गमलों में तरह-तरह के पौधे लगाए हैं। इनमें बोनसाई, चांदनी, कैक्टस, क्रोटन, गंधरा, बोगन डेलिया, क्रिसमस ट्री की कई प्रजातियां मौजूद हैं। पौधों के संग्रह के लिए वह जिस किसी भी शहर में जाती हैं, वहां से कुछ पौधे जरूर लाती हैं। इनकी देखभाल से उनका समय अच्छे से गुजरता है, वहीं आसपास हरियाली होने से मानसिक शांति भी मिलती है।
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