बसई रोड, मुंबई से चली दूसरी श्रमिक स्पेशल 982 मजदूरों और उनके परिवार वालों को लेकर सोमवार की सुबह करीब पांच बजे रेलवे स्टेशन पहुंची। रविवार की देर रात 1.25 बजे भी मुंबई से एक ट्रेन आई थी, इसमें 1147 लोग सवार थे। दोनों ट्रेनों में सवार करीब 2129 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई और उन्हें बसों से घर भेजा गया। जांच में कोई भी अस्वस्थ नहीं मिला है। इन श्रमिकों को पहले गांव के बाहर बनें क्वारंटीन सेंटर में 14 दिनों के लिए रखा जाएगा।
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- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक पर रविवार की दोपहर से लेकर सोमवार की सुबह तक रेलकर्मी, जीआरपी, आरपीएफ, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी अपने तय स्थानों पर मौजूद रहे। सुबह करीब पांच बजे जैसे ही श्रमिक स्पेशल पहुंची, पहले से मौजूद एसपी जीआरपी पुष्पांजलि, आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट आरएस सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन कोच नंबर एक की ओर गए।
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- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
उन्होंने एक-एक कर कोच से लोगों को उतरवाया और सोशल डिस्टेसिंग के लिए बने सर्किल में खड़ा करवाया। उधर, आसपास के जिलों की तहसील के मुताबिक बसें खड़ी थी, थर्मल स्क्रीनिंग और उनका ब्यौरा नोट कराने के बाद बैरिकेडिंग के रास्ते लोगों को बसों में बैठाया गया। सुबह करीब आठ बजे तक सभी बसें रवाना कर दी गई।
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- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
इस श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 24 कोच लगाए गए थे, ट्रेन के आने से पहले प्लेटफॉर्म की सफाई कर सैनिटाइज किया गया था। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म का निरीक्षण भी किया था।
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- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
रविवार दोपहर सीएमओ, एसपी जीआरपी, स्टेशन डायरेक्टर और आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट के साथ व्यवस्था का जायजा लिया था। चार-चार टीटीई का एक-एक ग्रुप बनाया गया था। जो यात्रियों को कोच से उतारकर चेकिंग प्वाइंट तक पहुंचाएंगे और आरपीएफ व जीआरपी दूरी बनाकर उनके साथ मौजूद रहेगी।
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- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
घर आने की छोड़ दी थी उम्मीद
महाराष्ट्र से आई श्रमिक स्पेशल के यात्रियों ने योगी सरकार को धन्यवाद दिया। इन यात्रियों ने कहा कि हमने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी कि अपने घर जा पाएंगे। पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से अब हम घर पहुंच गए हैं।
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- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
गोरखपुर के दीनदयाल मौर्या ने कहा कि थोड़ी दिक्कत तो हुई पर खुश हूं कि घर आ गया। योगी जी को बहुत धन्यवाद देता हूं। उन्होंने प्रयास न किया होता तो मुंबई में हम लोग भूखों मर जाते।
महराजगंज के धीरज ने कहा कि अब तो बचे रुपये भी खत्म हो गए थे। किसी तरह भूख मिटा रहे थे। बहुत बुरा हाल था। शुक्र है योगी जी का, उन्होंने हमारी सुध ली है।