लॉकडाउन में विभिन्न प्रांतों में फंसे श्रमिकों और उनके परिवारवालों को लेकर सोमवार की रात 10 बजे तक 14 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें पहुंचीं। इन ट्रेनों से 15 हजार श्रमिक आए। वहीं चार ट्रेनें लखनऊ से गोंडा के बीच चल रही थीं, जो देर रात तक आईं।
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- फोटो : अमर उजाला।
जूनागढ़, आनंद विहार, बोरीवली, झांसी, लुधियाना, सूरत, पुणे और अशोकानगर से आए सभी श्रमिकों को थर्मल स्कैनिंग के बाद बसों से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। ट्रेनों की संख्या बढ़ने के बाद अब स्टेशन के तीन प्लेटफॉर्मों एक, दो व नौ पर यात्रियों को उतारा जा रहा है।
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परिसर में खड़ी बसों में बैठाकर उन्हें रवाना किया जा रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में आ रहे यात्रियों को संभालने में जीआरपी, आरपीएफ के अलावा सिविल पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों को पसीना बहना पड़ा। कैब-वे पर खड़ी बसों में रोजाना की तरह 25 से 30 लोगों को बैठाकर भेजा गया।
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वहां यात्रियों का मार्गदर्शन करने के लिए कौवाबाग चौकी इंचार्ज राजाराम द्विवेदी, असुरन चौकी इंचार्ज आनंद मिश्रा लगे थे तो वहीं प्लेटफॉर्म पर टीटीई टीएन पांडेय, शार्दुल, जेपी सिंह, विवेक सिंह, मोहन पांडेय आदि सहयोग कर रहे थे। व्यवस्था की देखरेख में रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा आरपीएफ, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक सहित सुरक्षा बल व रेलवे कर्मचारी शामिल रहे।
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कहां से कितने यात्री आए
जूनागढ़ 782
आनंद विहार 2128
बोरीवली 1412
झांसी 1255
लुधियाना 2970
पुणे 1256
सूरत 1415
अशोकानगर 1596
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बसों पर बैठने के लिए दौड़ पड़ रहे श्रमिक
प्लेटफॉर्म से बाहर निकलते ही श्रमिक बसों में बैठने के लिए दौड़ पड़ रहे हैं। वहां मौजूद पुलिस वाले इन्हें समझाने की कोशिश भी कर रहे हैं लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। सोमवार को एसी लाउंज के पास एक बस में लोग खिड़कियों के रास्ते घुसने लगे। कंडक्टर ने उन्हें मना करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी धक्का दे दिया। इससे सोशल डिस्टेसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है।
हर श्रमिक को लंच पैकेट, ब्रेड व छांछ
जिला प्रशासन की ओर से रेलवे स्टेशन पर श्रमिकों और उनके परिवारवालों को लंच पैकेट में पूड़ी-अचार, एक मिठाई दी जा रही है। इसके अलावा ब्रेड व छांछ भी दी जा रही है। प्लेटफॉर्म एक, दो व नौ पर प्रशासन ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
लेखपाल और कानूनगो ब्योरा दर्ज करा रहे हैं। जीडीए वीसी अनुज सिंह ने बताया कि प्रत्येक ट्रेन में 1200 से 1300 श्रमिक आ रहे हैं। उनकी स्वास्थ्य जांच के बाद जिला प्रशासन की ओर से भोजन और जलपान कराया जा रहा है। इसके बाद उन्हें बसों से गंतव्य को भेज रहे हैं। सोमवार को 19424 लंच पैकेट बांटे गए। सीडीओ हर्षिता माथुर, गीडा सीईओ संजीव रंजन और एडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव पूरी व्यवस्था बनाने में लगे हैं।