कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग ही है। सामुदायिक संक्रमण का एक बड़ा जरिया स्कूल और कॉलेज हो सकते हैं। ऐसे में जब भी छुट्टियों के बाद स्कूल खुलेंगे तब स्कूल प्रशासन की भी चुनौतियां बढ़ जाएंगी। उन्हें बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी लेकर अलर्ट रहना होगा।
हालांकि अभी ये तय नहीं है कि स्कूल कॉलेज कब तक खुलेंगे। मगर स्कूल प्रबंधन ने इसे लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के हित को देखते हुए स्कूल महामारी का खात्मा होने के बाद ही खुले तो बेहतर होगा। अगर कोरोना का असर पूरी तरह खत्म नहीं होता है तो वो प्रशासन से अनुमति लेकर ऑड-इवन नंबर के आधार पर स्कूल चलाएंगे। इसके अलावा संसाधन बढ़ा पाना उनके बस की बात नहीं हैं।
दिल्ली सरकार का ये फार्मूला प्रदूषण को रोकने में कारगार साबित हुआ है। इसके साथ ही अब जहां स्कूल गेट या बस में प्रवेश के दौरान बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। वहीं विद्यालय के अंदर मॉस्क, सैनिटाइजर और एक मीटर की दूरी को अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही लाइब्रेरी, लैब, गेम्स या इंटरवल जैसी जगहों को चिह्नित कर बच्चों को एकत्र होने से रोका जाएगा।
विज्ञापन
2 of 6
आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल के निदेशक अजय शाही।
- फोटो : अमर उजाला।
सामाजिक दूरी बनाए रखने पर होगा फोकस
आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल के निदेशक अजय शाही ने कहा- बच्चों के हित को देखते हुए स्कूल खुलने के बाद से ही सामाजिक दूरी बनाए रखने पर फोकस किया जाएगा। शिक्षकों और बच्चों को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली की तर्ज पर ऑड इवन को भी लागू किया जा सकता है।
विज्ञापन
3 of 6
एबीसी पब्लिक स्कूल के निदेशक हेमंत मिश्र।
- फोटो : अमर उजाला।
दो शिफ्ट में भी चलाए जा सकते हैं स्कूल
दिव्यनगर एबीसी पब्लिक स्कूल के निदेशक हेमंत मिश्र ने कहा- स्कूलों का संचालन शुरू होने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग के विकल्पों पर भी मंथन किया जा रहा है। इसमें ऑड इवन के साथ दो शिफ्ट में स्कूल चलाने जैसे सुझाव भी शामिल हैं। स्कूल में ग्रुप में घूमने फिरने पर पाबंदी होगी। कड़े नियम बनाए जाएंगे।
4 of 6
सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य दीपिका अरोड़ा।
- फोटो : अमर उजाला।
स्कूल का नियमित कराएंगे सैनिटाइजेशन
सरमाउंट इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य दीपिका अरोड़ा ने कहा- स्कूल के सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाएगी। कोरोना का असर खत्म होने तक सामाजिक दूरी को अनिवार्य नियम बनाया जाएगा। सैनिटाइजर और मॉस्क पहनना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
5 of 6
आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य विशाल त्रिपाठी।
- फोटो : अमर उजाला।
बस व स्कूल परिसर में आने के दौरान करेंगे थर्मल स्क्रीनिंग
आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य विशाल त्रिपाठी ने कहा- स्कूल खुलने पर बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। सैनिटाइजेशन में प्रशासन का सहयोग चाहिए होगा, क्योंकि कितनी मात्रा में केमिकल का छिड़काव हो, ये रोजाना छिड़काव कराने वाले ही बता सकते हैं। सोशल डिस्टेंस को इस साल के लिए आवश्यक घोषित कर दिया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय फर्टिलाइजर के प्रधानाचार्य रमेश कुमार मल्ल।
- फोटो : अमर उजाला।
क्लास वाइज पढ़ाने पर भी विचार
केंद्रीय विद्यालय फर्टिलाइजर के प्रधानाचार्य रमेश कुमार मल्ल ने कहा- स्कूल में सामुदायिक संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सभी विकल्पों पर मंथन चल रहा है। सामाजिक दूूरी को लागू करना चुुुुनौतीपूर्ण अवश्य है, मगर जरूरत पड़ी तो क्लास वाइज बच्चों को स्कूल बुलाकर पढ़ाएंगे।