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Exclusive: कोरोना वायरस से कमजोर हुए पुरुषों के स्पर्म, इस शोध में हुआ खुलासा

नीरज मिश्रा, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 21 Jun 2021 02:29 PM IST
सांकेतिक तस्वीर। 1 of 5
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
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एक शोध में सामने आया है कि कोराना वायरस ने संक्रमित पुरुषों के स्पर्म को कमजोर किया है। इससे प्रजनन क्षमता प्रभावित हुई है। ईराक के शोध को आधार बनाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की टीम इस विषय पर शोध कर रही है। पहली और दूसरी लहर के दौरान संक्रमित पुरुषों के नमूने जुटाए जा रहे हैं। कोरोना वायरस शरीर के किन-किन अंगों पर असर डाल रहा है, इस पर पूरी दुनिया में शोध चल रहा है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि ईराक में दो महीने तक चले एक शोध में बताया गया कि कोरोना वायरस की वजह से पुरुषों के स्पर्म बेहद कमजोर हुए हैं। उनकी गतिशीलता और संरचना में बदलाव आया है। यह शोध 85 संक्रमित और 100 स्वस्थ लोगों पर किया गया था। अब बीआरडी मेडिकल कॉलेज की टीम इस शोध को आगे बढ़ा रही है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर ...

 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
बताया कि पहली लहर के दौरान संक्रमित 12 और दूसरी लहर में संक्रमित 50 लोगों के स्पर्म के नमूने लिए जा रहे हैं। इसके तहत 100 स्वस्थ व्यक्तियों के नमूने लिए जाएंगे। इससे सटीक नतीजा सामने आ सकेगा। पता चल सकेगा कि पुरुषों के स्पर्म पर किस तरह का प्रभाव पड़ा है। यह कितने दिनों तक रहेगा। ठीक होने की गुंजाइश रहेगी या नहीं। शोध के नतीजों की जानकारी आईसीएमआर के साथ शासन को दी जाएगी।  

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
फर्टिलिटी एंड स्टर्लिटी नाम दिया
विभागाध्यक्ष के मुताबिक ईराक में शोध को ‘फर्टिलिटी एंड स्टर्लिटी’ नाम दिया गया है। यह शोध जनवरी 2021 में किया गया था। इसी लिहाज से पहली लहर के दौरान मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम ने 12 कोरोना संक्रमितों के नमूने जुटाए थे। इन्हें सुरक्षित रखा गया है। अब दूसरी लहर में संक्रमित और स्वस्थ व्यक्तियों के नमूने लिए जा रहे हैं।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Pixabay
शोध के तथ्य चिंताजनक
विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने कहा कि ईराक में हुए शोध बेहद चिंताजनक हैं। कोविड संक्रमण से स्पर्म बनाने वाले सेल्स जल्दी कमजोर पड़ने लगते हैं। इससे सेल्स में सूजन आ जाती है। ये ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से गुजरने लगती हैं। इस वजह से स्पर्म गतिशील नहीं रहता है।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social media
इंफ्लुएंजा होने पर भी कम होने लगते हैं स्पर्म
विभागाध्यक्ष के मुताबिक इंफ्लुएंजा बीमारी होने पर भी स्पर्म कम हो जाते हैं। बेहतर खान-पान के बाद यह वास्तविक रूप में आ जाते हैं। देखना होगा कि कोरोना संक्रमितों में इस तरह की दिक्कत कितने दिन रहेगी। जो प्रभाव फर्टिलिटी रेट और स्पर्म पर पड़ा है, उसकी रिकवरी होगी या नहीं।

 
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