गोरखनाथ खिचड़ी मेला।
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इस बीच खिचड़ी का पर्व आया, एक तेजस्वी योगी को ध्यानमग्न देखकर लोग उसके भिक्षापात्र में चावल-दाल डालने लगे, पर वह तो अक्षय पात्र था। लिहाजा वह भरने से रहा। लोग इसे सिद्ध योगी का चमत्कार मानकर अभिभूत हो गए। उसके बाद से ही गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।