गोरखपुर राप्ती नदी।
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राप्ती और रोहिन में एसटीपी लगने में लगेंगे तीन से चार साल
शहर के 21 बड़े और 18 छोटे नालों का गंदा पानी राप्ती नदी, रोहिन नदी और रामगढ़ताल में गिरता है। 21 में से छह बड़े नालों को टैप कर रामगढ़ताल में बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाया जाता है, जहां उसे शोधन किया जाता है। लेकिन, अब भी 18 नालों का गंदा पानी रामगढ़ताल में गिर रहा है। हालांकि इसे टैप करने के लिए जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाई जा रही है। जल्द ही सभी नालों का पानी शोधित होने के बाद ही रामगढ़ताल में गिरेगा। लेकिन राप्ती और रोहिन नदी में गिरने वाले गंदे पानी के शोधन के लिए अभी कम से कम तीन से चार साल का समय लगने की संभावना है, क्योंकि नगर निगम के प्रस्ताव पर जल निगम ने राप्ती और रोहिन नदी में गिरने वाले नालों के पानी के शोधन के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तैयार किया है। परियोजना की शुरुआत हो चुकी है।