माह-ए-रमजान को लेकर उलेमा-ए-अहले सुन्नत ने रमजान हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर पर रोजा, नमाज, जकात, सदका, फित्रा, तरावीह, ईद, चांद आदि से संबंधित मसलों का हल मिलेगा। उलेमा-ए-अहले सुन्नत दीनी मसलों का जवाब शरीयत की रोशनी में देंगे।
नायब काजी मुफ्ती मो. अजहर शम्सी ने बताया कि रमजान में बहुत से ऐसे मौके आते हैं जब मुसलमान किसी दीनी मसले में फंस जाते हैं। लिहाजा हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके दीनी मामलात में रहनुमाई हासिल कर सकते हैं।
1. मुफ्ती खुर्शीद अहमद मिस्बाही (काजी-ए-गोरखपुर) - 9451186692
2. मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी (मुफ्ती-ए-शहर) - 9956971232
3. मुफ्ती मो. अजहर शम्सी (नायब काजी) - 8604887862 / 9598348521
4. मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही (इमाम दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल) - 7607248231
5. मौलाना मो. जहांगीर अहमद अजीजी (इमाम जामा मस्जिद सुब्हानिया तकिया कवलदह) - 8896678117
6. मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी (इमाम गौसिया मस्जिद छोटे काजीपुर) - 8563077292
7. मौलाना नूरुज्जमा मिस्बाही (प्रिंसिपल मदरसा जियाउल उलूम पुराना गोरखपुर गोरखनाथ) - 9415967837
8. मौलाना मो. असलम रजवी (इमाम नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर) - 9956049501
9. कारी अफजल बरकाती (इमाम मस्जिद खादिम हुसैन तिवारीपुर) - 9616089661 / 6394403895
10. मौलाना अब्दुल खालिक निजामी (इमाम मस्जिद कबीर मॉल गोलघर) - 8858537211
11. हाफिज रहमत अली निजामी (इमाम सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार) - 7754959739
12. कारी मो. शाबान बरकाती (मस्जिद बेनीगंज ईदगाह रोड) - 9918399468/ 9936617234
13. मौलाना मो. शादाब बरकाती (इमाम जामा मस्जिद रसूलपुर) - 9208050625
14. मुफ्ती मो. शमीम अमजदी (इमाम शाही मस्जिद बसंतपुर सराय) - 8009806783
चांद देखे जाने के साथ ही माह-ए-रमजान के आगाज से मुस्लिम अवाम में खुशियां छा गईं। लॉकडाउन की वजह से शहर के मस्जिद, मदरसा व बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, वहीं घरों में रौनक रही। शुक्रवार की शाम जैसे ही लोगों ने घर की छतों पर रमजान का चांद देखा, मुबारकबाद का दौर शुरू हो गया।
लोगों ने सोशल मीडिया व फोन के माध्यम से एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और सभी अल्लाह की इबादत में जुट गए, अपने गुनाहों की माफी मांगी। एशा की नमाज के बाद घरों में तरावीह की नमाज पढ़ी गई। बच्चों व महिलाओं ने भी तरावीह की नमाज पढ़ी। घरों में कुरआन शरीफ की तिलावत शुरु हो गई।
लोगों ने अल्लाह की हम्द व सना बयां की और इबादत में जुट गए। तौबा व अस्तगफार किया। अलसुबह सहरी खाकर रोजा रखने की नियत की। फज्र की नमाज अदा की। कुरआन शरीफ की तिलावत की। मुल्क में अमन व कोरोना वायरस से निजात की दुआ मांगी।