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लॉकडाउन के बीच श्रद्धालुओं ने बिना पुरोहितों के ही घरों में किया हवन, पुजारियों ने मंदिरों में दी आहुति

Thu, 02 Apr 2020 04:19 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही की पूजा- अर्चना। - फोटो : अमर उजाला
वासंतिक नवरात्र के नवमी तिथि पर बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने घरों में तो पुजारियों ने मंदिरों में हवनकुंड में आहुति डाल नवरात्र की पूर्णाहुति दी। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर हुए लॉकडाउन के बीच वासंतिक नवरात्र के नवें दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की। इसके बाद अधिकतर घरों में श्रद्धालुओं ने बिना पुरोहितों के ही हवनकुंड में आहुति डाल नौ दिनों के देवी उपासना के पर्व नवरात्र का समापन किया।
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गोरखनाथ मंदिर परिसर में कन्या पूजन करते मुख्य पुजारी कमलनाथ। - फोटो : अमर उजाला
जहां हर साल नवरात्र में देवी मंदिरों श्रद्धालुओं का पूजन अर्चन और हवन के लिए तांता लगता था वहीं इस बार कोरोना वायरस से बचाव को लेकर शहर में देवी मंदिर बंद हैं। ऐसे में अधिकतर मंदिरों में सन्नाटा पसरा रहा। मंदिर के पुरोहितों ने वहां पूजन अर्चन के साथ ही हवन कर माता रानी से देश को जल्द से जल्द कोराना वायरस से निजात दिलाने के लिए प्रार्थना की।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के पुजारियों ने की पूजा
काली मंदिर दाउदपुर के मुख्य पुजारी विजय शंकर पांडेय ने बताया कि लॉकडाउन के पालन करते हुए मंदिर के कपाट आम भक्तों के लिए नवमी के दिन भी बंद रखे गए। सुबह पूजा-पाठ एवं हवन कर मातारानी के पट को बंद कर दिया गया। विंध्यवासिनी मंदिर मेडिकल रोड के पुजारी ने बताया कि जबतक लॉकडाउन समाप्त नहीं होता मंदिर के पट आम भक्तों के लिए नहीं खोले जाएंगे। नौ दिनों तक पूजन अर्चन के बाद मैंने हवनकुंड में आहुति डाल पूजन को पूर्ण किया है।

 

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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला
घरों और मंदिरों में नहीं हुआ कन्या पूजन
नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। हर साल नवरात्रि में शहर के सभी देवी मंदिरों के साथ ही घरों में कन्या पूजन विधि विधान से किया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस से बचाव को लेकर हुए लॉकडाउन का पालन करते हुए मंदिरों के साथ ही घरों में श्रद्धालुओं ने कन्या-पूजन नहीं किया। वहीं कुछ घरों में अपने ही कन्याओं का पूजन कर लिया गया।

अघोरपीठ आश्रम के उपाध्यक्ष डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने बताया कि लॉकडाउन का पालन करते हुए इस बार कन्या पूजन का कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया है। वहीं कालीबाड़ी मंदिर में भी इस बार कन्या पूजन नहीं हुआ। शहर के शाहपुर निवासी ललिता ने बताया कि इस बार कन्या पूजन न करके उन्होंने गौ पूजन किया है। उन्होंने बताया कि लोग भी अपनी देवी रूपी कन्याओं को दूसरे घरों में भेजने से बच रहे हैं।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला
कालीबाड़ी व लक्ष्मी नारायण मंदिर में मना राम जन्मोत्सव
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर हुए लॉकडाउन के बीच रामनवमी के दिन बृहस्पतिवार को रामजन्मोत्सव श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मनाया। दोपहर 12 बजते ही मंदिर के पुजारियों के साथ ही घरों में राम भक्तों ने घंटे बजाते हुए शंखनाद किया। इसके बाद विधि विधान से भगवान राम का पूजन अर्चन कर श्रद्धालुओं ने आरती की। शहर के रेती चौक स्थित कालीबाड़ी में महंत रविंद्र दास के अगुवाई में भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया गया। वहीं साहबगंज स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी रामजन्मोत्सव पर विधि विधान से पूजा अर्चना एवं आरती की गई।
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