'नाम राम को अंक है, सब साधन रहे हैं सून। अंक गए कछु हाथ नहीं, अंक रहे दस गून।' अर्थात श्रीराम जी का नाम अंक के समान है। बाकी जितने भी साधन हैं, सब शून्य हैं। रामनाम के अंक को शून्य के साथ जोड़ दें तो साधना दस गुणा फलदायी हो जाती है। अपनी अनोखी साधना को कुछ ऐसे ही अंकों के साथ कई गुणा करने में जुटे हैं सदर ब्लॉक के कोड़राग्रांट के बरगदवा टोला निवासी रिटायर शिक्षक रामलखन विश्वकर्मा।