किसी झंझट में पड़ने के भय से आम आदमी जिस पुलिस के घर न आने की कामना करता था, वही पुलिस इन दिनों लॉकडाउन में उन्हीं लोगों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं है। इन दिनों वही पुलिस रोजाना करीब दस हजार गरीब, असहाय और राहगीरों को भोजन करा रही है। जरूरतमंद की मांग पर दवा और राशन भी घर पर मुहैया करा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच अपने कार्यालय के पास रोजाना 1500 लोगों का भोजन तैयार करा रही है। सीओ क्राइम प्रवीण सिंह इसमें व्यापारियों और आम लोगों का भी सहयोग ले रहे हैं। वहां से बड़ी संख्या में भोजन के पैकेट आ रहे हैं। भोजन को घर पर खाली बैठे दिहाड़ी मजदूरों तक पहुंचाया जा रहा है।
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सीओ कैंट सुमित शुक्ला, इंस्पेक्टर रामगढ़ताल राणा देवेंद्र प्रताप सिंह भी भोजन तैयार कराते हैं और कांशीराम आवास और झोपड़ियों में रहने वालों को समय से पहुंचाते हैं फिर हाइवे से गुजरने वाले जरूरतमंदों को भोजन दिया जाता है। पीआरवी के सिपाहियों को जहां से सूचनाएं आ रही है, वहीं पर भोजन और अन्य सामानों को उपलब्ध करा रहे हैं।
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जरूरतमंदों को राहत सामग्री देते डीएम के विजयेंद्र पांडियन व एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता।
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एसएसपी के आदेश पर दो वैन भी काम में लगी
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता के आदेश पर पुलिस लाइंस में पुलिस वालों और असहाय लोगों के लिए रोजाना भोजन तैयार किया जाता है। दो वैन रोजाना भोजन लेकर निकलती है और जिसे भी जरूरत होती है उसे उपलब्ध कराती है। एसएसपी ने यह पहल लॉकडाउन की शुरुआत होते ही कर दी थी।
डीआईजी खुद निकलते हैं हाइवे पर
डीआईजी राजेश डी मोदक रोजाना अपनी गाड़ी में खाद्य सामग्री भरकर भ्रमण पर निकल जाते हैं। हाइवे पर जाते हैं और जहां भी राहगीर दिखते हैं उन्हें पैकेट उपलब्ध करा देते हैं। पुलिस वालों को इस काम के लिए डीआईजी प्रेरित भी करते हैं।