जनता कर्फ्यू को गोरखपुर की जनता का पूरा सर्मथन मिला। लोग खुद ही घरों से बाहर नहीं निकले। यहां तक की सड़कों पर भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था आदि जांचने निकले प्रशासन एवं पुलिस के अफसरों तक को ज्यादा रोकने-टोकने की नौबत नहीं आई। सड़क तो दूर मोहल्ले की गलियों तक में सन्नाटा पसरा रहा।
तमाम लोग रात को भी घरों से नहीं निकले। घर के किसी सदस्य ने निकलने की कोशिश की तो बाकी के लोगों ने समझाकर उन्हें घर में ही रखा। शहर में चंद लोग नासमझी के चलते बाहर निकले भी तो समझाकर वापस कर दिया गया। सुबह सात बजे से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। चाय-पान की दुकान से लेकर मॉल समेत सभी प्रतिष्ठान बंद रहे।
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घंटी, थाली बजाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
रोज की तरह सड़कों पर गाड़ियों शोर नदारद था। यहां तक कि शनिवार दिन या रात में सफर शुरू कर जो लोग रविवार को रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन पहुंचे, उन्हें घर पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। लोगों के परेशान होने की सूचना पाकर कमिश्नर जयंत नार्लिकर और डीआईजी राजेश डी मोदक बस स्टेशन पहुंचे और उन्हें घर पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की।
उधर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल, अभिनव सिंह, एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, सदर तहसीलदार डॉ संजीव दीक्षित समेत तमाम प्रशासन और पुलिस के अफसर सुबह से देर रात तक शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए थे। जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहीं। अगर किसी को अस्पताल या दवा लेने जाना था तो उन्हें रोका नहीं गया।
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ताली और थाली बजाकर लोगों ने किया PM के आदेश का पालन।
- फोटो : अमर उजाला
पूरे दिन सड़कों पर मुस्तैद रही पुलिस
गोरखपुर। जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए पुलिस के आला अधिकारी भी पूरे दिन मुस्तैद रहे। डीआईजी राजेश डी मोदक के साथ ही एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता, एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ, एसपी साउथ विपुल श्रीवास्तव, एसपी नार्थ अरविंद पांडेय और एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा समेत सभी सीओ सड़कों पर निकले और बाहर घूमते नजर आने वाले लोगों से घरों में रहने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों के साथ ही साथ सभी थानों की पुलिसकर्मियों ने भी लोगों को समझाया की घरों में रहें। ये आप सभी ही की भलाई के लिए है। इस दौरान शहर के कई जगहों पर सार्वजनिक वाहन न मिलने से परेशान यात्रियों को पुलिस ने उनके गंतव्य तक जाने में मदद की। डीजीपी ने निर्देश दिया था कि पुलिस सड़कों पर रहे और लोगों की मदद करे और यह सुनिश्चित करे कि कोई सड़कों पर न घूमे जिससे जनता कर्फ्यू सफल हो। इस दौरान पुलिसकर्मी सभी से शालीनता से पेश आएं।
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शहर ने भी दिया साथ, बाजार व सड़कें रहीं सूनीं
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगे जनता कर्फ्यू में शहर ने भरपूर साथ दिया। लोग घर में ही रहे। सभी प्रमुख बाजार बंद रहे। सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। इस दौरान पुलिस के जवान मुस्तैद नजर आए। रविवार सुबह से ही गोलघर, रेती रोड, घंटाघर, राप्तीनगर, घासीकटरा समेत शहर के सभी बाजार बंद रहे। सड़कों पर वाहन भी न के बराबर चले। जिला अस्पताल के पास भी दुकानें पूरी तरह बंद थीं। रेलवे स्टेेशन की सड़कों पर रिक्शा, टेंपो भी न के बराबर चले।
मोबाइल मार्केट पूरी तरह रहा बंद
शहर के रेती इलाके में आनंद मार्केट में मोबाइल की दुकानें हैं। जनता कर्फ्यू के दौरान सभी दुकानें बंद रहीं। मोबाइल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सहाब आलम ने बताया कि शनिवार को ही उन्होंने व्यापारियों को मास्क देने के साथ ही जनता कर्फ्यू का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान 25 मार्च तक दुकानें बंद रहेंगी। उधर, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानियां ने बताया कि पान मसाला, ब्रेकरी शॉप के अलाव सभी प्रकार के हार्डवेयर की दुकानें बंद रहीं।
घरों में रहकर लोगों ने ऐसे बिताया दिन।
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साहबगंज मंडी में पसरा रहा सन्नाटा
साहबगंज मंडी भी पूरी तरह बंद रही। चैंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनुप किशोर अग्रवाल ने बताया कि पहली बार लोगों ने अपनी मर्जी से दुकानें बंद रखीं। ग्राहक भी नहीं आए। सड़कों पर जरूरतमंद लोग ही थे।
‘आगे भी प्रभावी रहेगी बंदी’
व्यापारी नेता रमेश चंद्र गुप्ता और मणिनाथ गुप्ता ने बताया कि अब बंदी आगे भी प्रभावी रहेगी। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि इस विषम परिस्थिति में व्यापारी सरकार का सहयोग करें और अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखें।