पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार कोरोना संक्रमण का असर तीन गुना अधिक है। एक मरीज आठ से नौ लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि 80 से 85 प्रतिशत मरीज अब तक कांटेक्ट ट्रेसिंग की वजह से संक्रमण का शिकार हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग संक्रमण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जबकि इस बार वायरस तीन से चार मिनट के अंदर ही शरीर में प्रवेश कर जा रहा है। इसकी वजह से लोग ज्यादा तेजी से संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि इस बार संक्रमण की रफ्तार पहली और दूसरी लहर की तुलना में तीन गुना अधिक है। इस बार वायरस के चिपकने की क्षमता ज्यादा है।