Nishad Party Leader Suicide Case: महराजगंज के पनियरा क्षेत्र के नरकटहा गांव के धर्मात्मा निषाद की मौत के बाद पुलिस सतर्क रही। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर श्मशान घाट तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। सपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
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Nishad Party Leader Dharmatma suicide
- फोटो : अमर उजाला
Maharajganj Suicide Case: महराजगंज के पनियरा थानाक्षेत्र के नरकटहां गांव निवासी धर्मात्मा निषाद के राजनीतिक सफर की शुरुआत दिल्ली में आम आदमी पार्टी से हुई थी। बीए तक की पढ़ाई के बाद दिल्ली गए धर्मात्मा ने कुछ दिनों तक एक टेलीकॉम कंपनी में नौकरी भी की थी। बाद में दिल्ली में निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद से मुलाकात हुई और उन्होंने निषाद पार्टी का दामन थाम लिया था। लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया लेकिन बाद में दूरियां बढ़ गईं।
धर्मात्मा के दोस्त विमलेश के मुताबिक उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में ही हुई थी। बीए तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2014 में वह दिल्ली चले गए और एक टेलीकॉम कंपनी में काम करने लगे। इसी दौरान साल 2015 में जौनपुरी विधानसभा क्षेत्र के आम आदमी पार्टी के विधायक प्रवीण कुमार से मुलाकात हुई। इसके बाद आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के साथ राजनीतिक सफर की शुरुआत की।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच गोरखपुर में कसरवल कांड हुआ जिसके बाद पुलिस से बचने के लिए डॉ. संजय निषाद दिल्ली में शरण लिए हुए थे। वहीं धर्मात्मा की मुलाकात डॉ. संजय से हुई। युवा धर्मात्मा की काबिलियत को देखते हुए कुछ ही दिनों बाद साल 2016 में डॉ. संजय ने उन्हें पार्टी के युवा मोर्चा का प्रदेश सचिव बना दिया। इस पद पर वह लंबे समय तक बने रहे। धर्मात्मा की तत्परता की वजह से युवाओं में उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई। धर्मात्मा के परिजनों का आरोप है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता निषाद पार्टी प्रमुख और उनके बेटों को अखरने लगी थी इसकी वजह से दूरियां बढ़ गईं थी। मार्च 2024 में उन्हें पद से हटा दिया गया था।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
योगी सरकार में इंसाफ होगा, न्याय मिलेगा : परमात्मा
धर्मात्मा के बड़ भाई परमात्मा ने कहा कि योगी सरकार में इंसाफ होगा, न्याय मिलेगा। आरोपी चाहे विधायक हो या मंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबको दंडित करेंगे। बताया कि प्रापर्टी बेचकर धर्मात्मा ने स्कार्पियो खरीदी थी। उसे चोरी का दिखाकर थाने में बंद करा दिया। बैंदा के एक युवक की मौत के मामले में दंगा भड़काने का आरोप लगा केस दर्ज करा दिया गया। भाई की बढ़ती लोकप्रियता से डॉ. संजय निषाद और उनके बेटे घबरा गए थे। यह मौत नहीं हत्या है।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम हाउस से श्मशान घाट तक पुलिस का पहरा
महराजगंज के पनियरा क्षेत्र के नरकटहा गांव के धर्मात्मा निषाद की मौत के बाद पुलिस सतर्क रही। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर श्मशान घाट तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। सपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। गांव में शव पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 11 थानों की पुलिस तैनात रही।सोमवार को मृत धर्मात्मा के बड़े भाई परमात्मा निषाद ने सपा व कांग्रेस नेताओं के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात की और अपनी पीड़ा सुनाई।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मांगों से संबंधित पत्रक दिया। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी व पचास लाख रुपये दिलाने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने नियमानुसार हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी लोग पोस्टमार्टम हाउस पर गए। वहां पर मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री को सरकार बचा रही है। जिला अस्पताल के गेट से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक भीड़ लगी रही।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम के बाद करीब दो बजे शव को एंबुलेंस से नरकटहा भेजा गया तो वहां अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े। इस बीच पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों को समझाकर किसी तरह से शव अकटहवा घाट तक ले जाया गया और अंतिम संस्कार कराया गया। बड़े भाई परमात्मा निषाद ने मुखाग्नि दी। पोस्टमार्टम हाउस परिसर में एससपी आतिश कुमार, सीओ सदर आभा सिंह समेत अन्य अधिकारी व राजनीति दलों के नेता मौजूद रहे।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
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अंतिम यात्रा में पहुंचे नेता
धर्मात्मा के अंतिम संस्कार में सपा नेता व सांसद संतकबीरनगर लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद, सपा जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद कुमार सिंह, पूर्व मंत्री सुशील टिबेडवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा आमिर हुसैन के अलावा अन्य नेता पहुंचे।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
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अंजली का आरोप, पति को प्रताड़ित करते थे डॉ. संजय
धर्मात्मा को पत्नी अंजली ने संजय निषाद पर पति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उसने परिवार के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की है। साथ ही इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अंजली ने आरोप लगाया कि डॉ. संजय निषाद, प्रवीण, श्रवण, जयप्रकाश निषाद उनके पति को प्रताड़ित करते थे। इन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
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आरोपी की पत्नी बोली, जो मेरा नहीं हुआ, वह दोस्त का क्या होगा?
धर्मात्मा की खुदकुशी के मामले में आरोपी बनाए गए नरकटहा निवासी जयप्रकाश निषाद की पत्नी अंजू ने पति को हत्यारा बताते हुए कहा कि जो पत्नी का नहीं हुआ तो दोस्त का क्या होगा। बताया कि जयप्रकाश ने डॉ. संजय निषाद और उनके बेटों की शह पर मेरे ऊपर जुल्म ढाया, लेकिन निषाद पार्टी से जुड़े होने के कारण कहीं भी मेरी शिकायत नहीं सुनी गई।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़
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धर्मात्मा ने मेरे परिवार के खिलाफ नहीं की कोई भी पोस्ट: डॉ. संजय निषाद
धर्मात्मा निषाद के आत्महत्या और इसके बाद सोशल मीडिया पर उठे सवालों का निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने अपना पक्ष रखा है। वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। धर्मात्मा निषाद ने दो महीने में एक भी सोशल मीडिया पर एक भी पोस्ट मेरे परिवार या पार्टी के खिलाफ नहीं की है। वह संगठन के कार्यक्रमों में भी जुड़ा रहा। 13 जनवरी को पार्टी के संकल्प दिवस कार्यक्रम में भी वह शामिल हुआ था।
निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद द्वारा लिखी फेसबुक पोस्ट
- फोटो : फेसबुक
मैं खुद यह नहीं समझ पा रहा हूं कि अगर किसी व्यक्ति को मुझसे, मेरे परिवार के अन्य सदस्यों से या पार्टी से कोई विरोध था तो सोशल मीडिया पर हमारे पक्ष में क्यों पोस्ट करता रहा। 13 जनवरी के बाद मैं गोरखपुर नहीं गया और मेरी धर्मात्मा से कोई बात भी नहीं हुई। बड़े बेटे प्रवीण निषाद से दो महीने से इस युवक से कोई बात नहीं हुई वहीं छोटे बेटे सरवन निषाद से चार फरवरी को बात हुई थी, लेकिन कोई विरोध या आपत्ति नहीं थी।
दो डॉक्टरों ने किया शव का पोस्टमार्टम
सीएचसी धानी और पनियरा के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के आने के बाद मौत का सही समय पता चल पाएगा फिर मोबाइल की लोकेशन और टाइम का मिलान कराया जाएगा।
प्रत्येक हलचल पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से नियम के अनुसार हर संभव मदद दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। शांति व्यवस्था बनी हुई है।- अनुनय झा, जिलाधिकारी