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UP: 'ख्याल आया था कि षड्यंत्रकारियों को मार डालूं, लेकिन...', निषाद पार्टी के नेता पत्नी के लिए लिखे ये शब्द

Mon, 17 Feb 2025 03:01 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, महाराजगंज

सार

महराजगंज के क्षेत्र के नरकटा गांव में रविवार को निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने खुदकुशी कर ली। उनका शव घर में फंदे से लटका मिला।
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Nishad Party leader suicide - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज में निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव ने खुदकुशी कर ली। पार्टी नेता ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद को जिम्मेदार बताया है। 
पार्टी नेता धर्मात्मा ने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट की है। इसमें पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद और उनके बेटों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही अपनी मां, पत्नी, बहन और भाई के लिए आखिरी शब्द भी लिखे हैं। साथियों से भी उसने क्षमा मांगी है।

मुझे माफ करना मां अंजली, भैया, दीदी 
धर्मात्मा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि अपनी मां और बहनों एवं भैया से क्षमा मांग रहा हूं कि समाज के लोगों की मदद करते हुए मैंने अपनी जिंदगी निकाल दी, मगर आप लोगों को कभी समय नहीं दे पाया। न ही आप लोगों के लिए कुछ कर पाया। 
 
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद द्वारा लिखी फेसबुक पोस्ट - फोटो : फेसबुक
मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मुझे अगले जन्म में भी इस परिवार का हिस्सा बनाकर भेजना ताकि मैं अपनी मां-बहनों और भैया की सेवा कर सकूं। पत्नी से भी क्षमा चाहता हूं कि उसको भी मैंने समय नहीं दिया। जो थोड़ा बहुत समय दिया, उसमें मेरी एक फूल जैसी बेटी का जन्म हुआ और उस फूल जैसी बेटी को भी मैं समय नहीं दे पाया। मैं अपनी पत्नी से भी क्षमा चाहता हूं कि मैं उसे ऐसे मोड़ पर छोड़कर जा रहा हूं, हो सके तो मुझे माफ कर देना अंजली।
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धर्मात्मा निषाद की फेसबुक वाल पर लिखी पोस्ट - फोटो : फेसबुक
ख्याल आया था कि षड्यंत्रकारियों को जान से मार दूं... 
धर्मात्मा ने फेसबुक पोस्ट में लिख है कि मेरे मन में ख्याल आया कि षड्यंत्रकारियों को जान से मार दूं, लेकिन फिर सोचा कि ऐसा करके मैं हत्यारा बन जाऊंगा। इसलिए मैंने बहुत कुछ सोचने के बाद यह निर्णय लिया है कि इस बेरहम और एहसान फरामोश दुनिया से दूर चले जाना चाहिए। मैं अगर दुनिया छोड़कर जा रहा हूं तो इसका सबसे बड़ा कारण डॉ. संजय कुमार निषाद और उनके बेटों प्रवीण व श्रवण निषाद और गद्दार दोस्त जय प्रकाश निषाद है। 

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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
साथियों से भी मांगी क्षमा 
धर्मात्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि मैं उन क्रांतिकारी साथियों से भी क्षमा चाहता हूं जिन्होंने मेरे साथ संघर्ष करते हुए समाज के दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया। अपने निषाद समाज के सभी समाजसेवियों और राजनेताओं से एक आखिरी निवेदन करना चाहता हूं कि आप लोग निषाद समाज के युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने के साथ-साथ डॉ. संजय कुमार निषाद जैसे लोगों से समाज को छुटकारा दिलाने के लिए कार्य करें, क्योंकि जितना नुकसान निषाद समाज का अन्य दलों ने नहीं किया है उससे कहीं ज्यादा नुकसान डॉ. संजय कुमार निषाद और उनके बेटों ने किया है। 

 
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
षड्यंत्र रचकर किया गया परेशान 
धर्मात्मा के बड़े भाई परमात्मा निषाद ने भी फेसबुक पोस्ट में आरोपी बताए गए लोगों पर केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि पार्टी के ही बड़े नेताओं ने उनके भाई के खिलाफ षड्यंत्र रचकर परेशान किया। फर्जी केस में जेल भी भिजवाया था। कहा कि, धर्मात्मा ने यही पीड़ा फेसबुक पोस्ट में लिखी है। साजिशों से तंग आकर धर्मात्मा ने आत्मघाती कदम उठा लिया। दो भाई और तीन बहनों में सबसे छोटे धर्मात्मा ने दो साल पहले गांव की ही अंजली से प्रेम विवाह किया था। बड़े भाई परमात्मा निषाद ने सीओ को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
फेसबुक पर पोस्ट कर निषाद पार्टी के नेता ने दी जान
महराजगंज के क्षेत्र के नरकटा गांव में रविवार को निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने खुदकुशी कर ली। उनका शव घर में फंदे से लटका मिला। धर्मात्मा की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने से रोक दिया।
 
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
काफी समझाने के बाद परिजन माने और दोपहर बाद करीब तीन बजे पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। वहीं, धर्मात्मा के फेसबुक अकाउंट से की गई एक पोस्ट में पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद और उनके बेटों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें खुदकुशी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार, धर्मात्मा लंबे समय तक निषाद पार्टी के युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव के पद पर रहे। फिलहाल, वह पार्टी में किसी पद पर नहीं थे। रविवार की सुबह परिजनों ने घर के एक कमरे में धर्मात्मा को फंदे से लटका देखा। आनन-फानन फंदे से उतार कर उन्हें पीपीगंज स्थित अस्पताल ले गए जहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर लौटे।
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निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की खुदकुशी के बाद जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के बाद पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा तो परिजनों ने धर्मात्मा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग करते हुए शव देने से इन्कार कर दिया। सुबह 10 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक परिजन शव लेकर बैठे रहे। इस दौरान जुटी भीड़ निषाद पार्टी के प्रमुख नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करती रही।
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