निर्भया में दोषियों की फांसी का रास्ता साफ।
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निर्भया के बारे में अवनींद्र का कहना था कि, ‘हर पल एक दर्द सताता है कि दोस्ती अधूरी रह गई। दोस्त का हर पल साथ देने का वादा टूट गया। काश, मैं उसे बचा पाता। कहीं न कहीं दिल में हर पल अपराध बोध होता है कि राजधानी पहले जागी होती तो वो हमारे बीच होती।’ अवनींद्र का मानना है, ‘जब तक आरोपियों को फांसी की सजा न हो जाए, तब तक इंसाफ अधूरा रहेगा। हालांकि अब एक सुकून है कि अब लोग बदलाव की ओर देख रहे हैं। इससे हमारा कल अच्छा होगा।