पाकिस्तान को सूचना देने के बदले लेनदेन के शक में एनआईए की टीम ने गोरखपुर में छापा मारा। बैंकॉक के कारोबारी के बेटे ने महिला के खाते में रुपये भेजे थे। टीम ने खजनी और शहर में जांच की।
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घर के अंदर पूछताछ करती एनआईए की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने पाकिस्तान को गोपनीय सूचनाएं देने की आरोपी महिला के खाते में रुपये भेजे जाने के मामले में शनिवार को खजनी और शहर के तारामंडल इलाके में छापा मारा।
जांच के दौरान पता चला कि महिला अनीता सिंह के खाते में तारामंडल निवासी और बैंकॉक में कारोबारी पन्ना यादव के बेटे अमन यादव और बेटी ने रुपये भेजे थे। एजेंसी यह खंगालने में जुटी है कि यह लेनदेन पाकिस्तान को सूचनाएं देने के बदले हुआ है या नहीं।
जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो पन्ना यादव के बेटे अमन यादव के बैंक खाते से 10 हजार रुपये और बेटी के खाते से पांच हजार रुपये अनीता सिंह के गूगल नंबर पर भेजे गए थे। इसी के बाद गोरखपुर का यह परिवार जांच एजेंसी के रडार पर आया।
एनआईए की टीम पहले खजनी थाना क्षेत्र के रावतदाढ़ी गांव पहुंची। यहां पन्ना यादव के मकान में टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि घर पर तीन महिलाओं के अलावा एक बुजुर्ग रहते हैं।
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पन्नेलाल यादव के बेटे और बेटी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूछताछ में पता चला कि बुजुर्ग, पन्ना यादव के भाई हैं। टीम ने उनसे पूछताछ की और उन्हें साथ लेकर सुबह तारामंडल, बुद्ध विहार पार्ट ए स्थित घर पहुंची। टीम ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में एनआईए की टीम ने अनीता सिंह के नंबर पर भेजे गए रुपयों का स्क्रीनशॉट दिखाया और अनीता से संबंध के बारे में जानकारी ली।
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पन्नेलाल यादव के भाई को साथ ले जाती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि बेटे और परिजनों ने अनभिज्ञता जताते हुए उसे जानने से इंकार किया। सख्ती से पूछने पर बेटे के माेबाइल की गूगल हिस्ट्री की जांच में चार जनवरी को अनीता सिंह के नाम पर एक नंबर से रुपये भेजे गए मिले। बेटे ने टीम को बताया कि एक रेस्टोरेंट में उसे किसी ने नकद देकर एक मोबाइल नंबर पर इसे ऑनलाइन भेजने के लिए अनुरोध करने लगा।
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जांच के बीच फोन पर किसी से बातचीत करता बेटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसने अपने नंबर से 10 हजार और उसके कहने पर बहन ने भी पांच हजार रुपये अनीता के खाते में भेज दिए। उसका कहना है कि उसे न तो अनीता के बारे में जानकारी है और न ही जिसने उनसे रुपये भेजने के लिए कहा था, उसके बारे में ही कोई जानकारी है। हालांकि, एनआईए इस बयान को संदिग्ध मान रही है। एजेंसी का मानना है कि पिता बैंकॉक से हुंडी का काम करते हैं। ऐसे में अचानक से ऐसा क्या हो गया कि इस परिवार के संपर्क में ही वह अज्ञात व्यक्ति आया और उसके कहने पर इन लोगों ने अनीता सिंह के खाते में रुपये भेज दिए।
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एनआईए की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एनआईए ने चार जून को अमन को बुलाया
एनआईए के डिप्टी एसपी आरके पांडेय ने पूछताछ के दौरान ही बीएनएस की धारा 179 के तहत बेटे अमन यादव को नोटिस दिया है। नोटिस में अमन को चार जून को अपने सभी रिकॉर्ड के साथ लखनऊ एनआईए के मुख्यालय में मौजूद होना है।
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एनआईए की टीम
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यह नोटिस 12/2025 एनआईए एक्ट के तहत केस के सिलसिले में दिया गया है। इसी केस के सिलसिले में टीम पूछताछ करने भी आई थी। इसके तहत ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और यूएपीए एक्ट के तहत दर्ज केस की जांच में संदिग्ध पाए जाने पर बुलाया गया है।
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घर के बाहर पुलिस टीम भी मौजूद रही
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुजरात की महिला से कैसे हुआ बैंकाॅक के कारोबारी का संपर्क
बैंकॉक का कारोबारी पन्ना यादव गुजरात की एक महिला के संपर्क में था। उसके बैंक खाते में पैसे की लेन-देन हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कारोबारी और गुजरात की महिला के बीच कब से संबंध है, इसका पता लगा रही है। इसके लिए खजनी इलाके के गांव रावतदाड़ी और शहर के रामगढ़ताल स्थित घर पर शनिवार भोर में एनआईए ने छापा मारकर आठ घंटे तक जांच पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए।
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पन्नेलाल यादव का गांव का मकान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी के मुताबिक, पन्ना यादव के बेटे अमन के बैंक खाते से चार जनवरी को गुजरात की रहने वाली अनीता देवी के खाते में 15 हजार रुपये भेजे गए थे। एनआईए उसी ट्रांजेक्शन के बारे में पूछताछ करने आई थी। अमन ने बताया कि वह चाय की दुकान पर बैठा था तभी कोई आया और कहा कि खाते में रुपये हों तो इस अकाउंट में भेज दीजिए। बदले में वह कैश दे देगा। अमन ने दस हजार रुपये अपने खाते से तो वहीं पांच हजार रुपये उसकी बहन शिवानी ने अपने खाते से ट्रांसफर कर दिए थे।
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गोरखपुर घर के बाहर मौजूद पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हालांकि एनआईए इस बात को मानने को तैयार नहीं है। टीम को शक है कि पन्ना यादव के कहने पर ही यह ट्रांजेक्शन हुए हैं। बताया जा रहा है कि मामले में केस भी दर्ज किया गया है। टीम ने मोबाइल का एक्सेस भी लिया है। उसी के आधार पर उसका डेटा खंगालने में टीम जुटी हुई थी।
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पन्नेलाल के भतीजे ने एनआईए के अधिकारियों पर आरोप लगाया
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छापा का नेतृत्व लखनऊ से आई एनआईए की विशेष टीम ने किया, जिसके प्रमुख राजेश कुमार पांडेय थे। उनके साथ मनीष कुमार, वकील खान और खजनी के एसडीएम राजेश प्रताप सिंह सहित स्थानीय पुलिस मौजूद थी। सुबह चार बजे शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह 12:30 बजे तक चली।
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पन्नेलाल का आवास
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परिवार ने लगाया आरोप
पन्ना यादव के भतीजे दीपक यादव ने मीडिया को बताया कि एनआईए की कार्रवाई के दौरान उनकी नाबालिग बेटी पर बल प्रयोग किया गया। इसके अलावा, घर में मौजूद महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ। दीपक ने दावा किया कि आठ घंटे की कड़ी पूछताछ के बावजूद एनआईए को कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। थाईलैंड के कारोबारी पन्ना यादव के बड़े बेटे अमन यादव ने भी परिवार पर हुए कथित उत्पीड़न की शिकायत की।
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घर के बाहर खड़ी गाड़ियां
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पांच भाई है पन्ना यादव
रावतदाड़ी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पन्ना यादव पांच भाई हैं। इसमें सबसे बड़े भाई सुदामा यादव की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सुदर्शन यादव और मुन्नी लाल हैं। वर्ष 1993 से पन्ना यादव बैंकाॅक रहकर कारोबार कर रहा है। जनवरी माह में कुंभ पर्व के दौरान वह गोरखपुर आया था।
जांच करने घर के अंदर जाती एनआईए की टीम
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कुछ दिन रहकर वह वापस चला गया था। गांव में पन्ना का भतीजा दीपक कुमार यादव अपने परिवार साथ रहते हैं, बड़े भाई मुन्नीलाल गांव में पशुओं की देख-रेख करते हैं। वह पूर्व में प्रधान भी रह चुके हैं। बैंकॉक जाने के बाद पूरे परिवार का रहने का तरीका बदल गया। शहर वाले घर पर लक्जरी गाड़ियां भी हैं।