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आजादी से पहले रेलवे स्टेशनों पर ऐसे मिलता था पानी, पूछा जाता था 'हिंदू' हो या 'मुसलमान'

Tue, 09 Feb 2021 03:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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NER - फोटो : अमर उजाला
आजादी के पूर्व गांवों के रीति रिवाज ट्रेनों में भी लागू थे। ट्रेन चलने के शुरुआती दिनों में रेलवे स्टेशनों पर हिंदू और मुस्लिम टी-स्टॉल हुआ करते थे। ट्रेन में पानी पिलाने के लिए 'पानी पाड़े' (पानी पिलाने के लिए कर्मचारी) तैनात थे। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

 
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मुस्लिम टी स्टॉल पर मौजूद पानी पाड़े। - फोटो : अमर उजाला।
पानी पाड़े का काम यात्रियों को पानी और चाय पिलाना था। रेलवे के दस्तवेजों के मुताबिक 20वीं शताब्दी के शुरुआती दिनों में धार्मिक भावनाओं को देखते हुए हिंदू और मुस्लिम के लिए अलग-अलग इंतजाम किया गया था।

 
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हिंदू टी स्टॉल पर मौजूद पानी पाड़े। - फोटो : अमर उजाला।
उस दौर में लोगों को यात्रा के दौरान छुआछूत से समस्या थी। यात्रा के दौरान लोगों को दिक्कत न हो, इसलिए अलग-अलग धर्म के लोगों को पानी पाड़े बनाकर खड़ा किया गया था।

 

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दाएं हिंदू टी स्टॉल और बाएं मुस्लिम टी स्टॉल। - फोटो : अमर उजाला।
पानी पिलाने के लिए हिंदू और मुस्लिम के लिए पानी पाड़े भी अलग हुआ करते थे। जो ट्रेनों में घूमकर चिल्लाते थे 'हिंदू पानी-मुस्लिम पानी।'

 
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पहले ऐसा दिखता था गोरखपुर रेलवे स्टेशन। - फोटो : अमर उजाला
आजादी के बाद धीरे-धीरे बदलाव आया। एक ही तरह के स्टॉल होने लगे, जहां सारे जाति धर्म के लोग चाय और पानी पीने लगे। मौजूदा समय में अब खानपान का भी स्टॉल हो गया है।
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