प्रोफेसर बनना चाहती हैं स्निग्धा।
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सनत चटर्जी बताते हैं कि उनकी बेटी जब ढाई महीने की हुई, तब जांच के दौरान पता चला कि वह मेजर थैलेसीमिया से ग्रसित है। महीने में दो से तीन बार ब्लड का ट्रांसफ्यूजन कराना ही पड़ेगा। साल में करीब 25 बार ट्रांसफ्यूजन से बेटी के हाथों की नसें सूखने लगीं। दर्द भी बहुत होता था, लेकिन स्निग्धा ने हार नहीं मानी। वह रोज स्कूल जाती थीं और पूरा समय पढ़ाई पर देती थीं।